
Industry accepts increased lockdown, needs Rs 16 lakh crore to recover
नई दिल्ली। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ ही घंटे पहले लॉकडाउन बढ़ाने का ऐलान किया था, जिसके बाद से लगातार रिएक्शन आते हुए दिखाई दिया है। खासकर देश के उद्योग संगठनों की ओर से आए रिएक्शनों में चिंता ज्यादा दिखाई दे रही है। पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एं इंडस्ट्री की ओर से साफ कर दिया है कि उन्हें उद्योग जगत उनकी सभी बातों का पूरी तरह से पालन करेगा उन्होंने सरकार का साथ देने और पूरा सहयोग करने की भी बात कही। वहीं उन्होंने इस बात को जोर देकर कहा कि 21 दिन के बाद अब 19 दिन और पूरा देश लॉकडाउन में रहेगा। ऐसे में उद्योग धंधों पर दोबारा मार देखने को मिलेगी। ऐसे सरकार को रिवाइज्ड प्रोत्साहन का ऐलान कर देना चाहिए। संगठन ने कहा कि देश के उद्योग जगत को 15 से 16 लाख करोड़ रुपए के प्रोत्साहन पैकेज की जरुरत है।
16 लाख करोड़ के राहत पैकेज की जरुरत
पीएचडी चैंबर के अध्यक्ष डीके अग्रवाल की ओर से बयान के अनुसार कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए देश में लगातार लॉकडाउन किया जा रहा है। 21 दिनों बाद अब दोबारा से 19 दिनों का लॉकडाउन किया जा रहा है। देश में कोरोना वायरस ना फैले संगठन इस बात का समर्थन करने के साथ सराहना भी करजा है। उन्होंने कहा देश की अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए सरकार की ओर से जो किए गए थे वो काफी अच्छे हैं। अब संगठन उम्मीद कर रहा है दूसरे चरण के लॉकडाउन की घोषणा के बाद रिवाज्ड प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा करेगा। उन्होंने कहा कि देश में 21 दिनों के लॉकडाउन में उद्योग जगत को राहत देने के लिए कुल जीडीपी 5 फीसदी यानी 11 लाख करोड़ रुपए देने का अनुमान लगाया जा रहा था। अब जब लॉकडाउन को आगे बढ़ा दिया गया है तो उस हियाब से उद्योगों को उबारने के लिए 16 लाख करोड़ रुपए की होगी।
गाइडलाइन जारी होने के बाद स्पष्ट होंगी सारी चीजें
डीके अग्रवाल के अनुसार पीएम मोदी ने एक स्पष्ट गाइडलाइन जारी करने की बात कही है, जिसका इंतजार पूरा उद्योग बड़ी बेसब्री से कर रहा है। उन्हीं गाइडलाइन से स्पष्ट हो पाएगा कि आखिर आर्थिक गतिविधियां चल पाएंगी या नहीं। डीके अग्रवाल के अनुसार देश के सभी जिलों में कोरोना वायस का प्रकोप नहीं है। सरकारी आंकड़ों के अलुसार देश के करीब 400 जिलों में आर्थिक गतिविधियों को चालू किया जा सकता है। आपको बता दें कि सरकार की ओर से उद्योग धंधों को पहले ही 2 लाख करोड़ रुपए का प्रोत्साहन पैकेज मिल चुका है। ऐसे में अब उद्योग जगत को बाकी 14 लाख करोड़ रुपए के राहत पैकेज का इंतजार है।
Updated on:
15 Apr 2020 07:22 am
Published on:
14 Apr 2020 04:52 pm

बड़ी खबरें
View Allउद्योग जगत
कारोबार
ट्रेंडिंग
