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अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर बनेगा जेवर का इंटरनेशनल एयरपोर्ट, इन शर्तों पर जमीन देने को राजी हुए किसान

सरकार ने किसानों के मांगों पर सहमति जताते हुए उनकी शर्तों पर हामी भर दी है।

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Jewar Airport

अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर बनेगा जेवर का इंटरनेशनल एयरपोर्ट, इन शर्तों पर जमीन देने को राजी हुए किसान

नई दिल्ली। दिल्ली के नजदीक गौतमबुद्धनगर जिले के जेवर में बनने वाला इंटरनेशनल एयरपोर्ट पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर बन सकता है। जेवर एयरपोर्ट के दायरे में आने में आने वाले 50 गांवों के किसानों ने गौतमबुद्ध नगर के सांसद और केंद्रीय मंत्री से यह मांग की है। यदि केंद्र सरकार किसानों की मांग पर सहमति जता देती है तो पूर्व प्रधानमंत्री के नाम पर बनने वाला यह पहला इंटरनेशनल एयरपोर्ट होगा। आपको बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री और भाजपा के संस्थापक सदस्य अटल बिहारी वाजपेयी के 16 अगस्त को दिल्ली के एम्स अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया था।

एयरपोर्ट बनने का रास्ता साफ

जेवर में बनने वाले इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बनने का रास्ता साफ होता दिख रहा है। प्रदेश सरकार ने एयरपोर्ट के कारण विस्थापित होने वाले किसानों को दिए जाने वाले मुआवजे और अन्य सुविधाओं में बड़ा बदलाव कर दिया है। नई नीति के अनुसार, एयरपोर्ट के कारण जिन किसानों के घरों को शिफ्ट किया जाएगा, अब उनको 50 मीटर भूमि की जगह पर जितना बड़ा किसान का घर होगा उसका 50 फीसदी हिस्सा विकसित सेक्टर में दिया जाएगा। इसके अलावा बने हुए घर की कीमत का दोगुना मुआवजा दिया जाएगा। घर की कीमत पीडब्ल्यूडी की ओर से तय की जाएगी। यह जानकारी शनिवार को यमुना प्राधिकरण के चेयरमैन डॉ. प्रभात कुमार और प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने दी।

प्रथम चरण में 6 गांवों की भूमि का होगा अधिग्रहण

यमुना प्राधिकरण के चेयरमैन डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि एयरपोर्ट के निर्माण के लिए प्रथम चरण में छह गांवों की 1334 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। इसके लिए करीब 2500 किसानों को दूसरी जगह पर शिफ्ट किया जाना है। उन्होंने बताया कि किसानों की मांग पर सहमति जताते हुए शासन ने उनकी घर की पचास फीसदी हिस्सा विकसित सेक्टर में देने पर हामी भर दी है। इसके लिए किसानों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। साथ ही किसानों को उनके मकान की लागत का दोगुना मुआवजा दिया जाएगा। ताकि वह आराम से अपना नया घर बना सकें। डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि नई योजना के तहत किसान को कम से कम 40 मीटर का भूखंड मिलेगा, चाहे उसके पास छोटा ही घर हो।