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1995 में हुई थी भारत की पहली मोबाइल कॉल, इन दो भाग्यशाली लोगों को मिला था मौका

क्या आप जानते हैं कि देश में सबसे पहली मोबाइल कॉल कब हुई थी और इसे करने का सौभाग्य मिला था।

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First mobile call in india

1995 में हुई थी भारत की पहली मोबाइल कॉल, इन दो भाग्यशाली लोगों को मिला था मौका

नई दिल्ली। आज भारत में टेलिकॉम सेक्टर अपने सबसे अच्छे दिनों से गुजर रहा है। देश में करीब 70 फीसदी आबादी के पास अपना मोबाइल फोन है। बीते दो दशक में मोबाइल फोन्स ने तेजी से लोगों के हाथों में जगह बनाई है। मोबाइल फोन्स के बाजार में आने के बाद लोगों का बातचीत करने का तरीका पूरी तरह से बदल गया है। हाल ही में दूरसंचार विभाग ने लोगों को वॉयस कॉल कनेक्ट करने के लिए एक नया विकल्प उपलब्ध करने को मंजूरी दे दी है। इससे जल्द ही लोगों को वाई-फाई से वॉयस कॉल कनेक्ट करने की सुविधा मिलने लगेगी। इस सुविधा को खराब कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों के लिए काफी उपयोगी माना जा रहा है। देश में मोबाइल सेक्टर में दिनोंदिन बदलाव आता जा रहा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश में सबसे पहली मोबाइल कॉल कब हुई थी और इसे करने का सौभाग्य मिला था। अगर नहीं तो आइए आपको बताते हैं कि देश में पहली मोबाइल कॉल कब और किनके बीच हुई थी।

31 जुलाई 1995 को हुई थी पहली मोबाइल कॉल

भारत में सबसेे पहली मोबाइल कॉल करीब ढाई दशक पहले 31 जुलाई 1995 को हुई थी। देश में पहली मोबाइल कॉल करने का सौभाग्य तब के पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ज्योति बसु और केंद्रीय दूरसंचार मंत्री सुखराम को मिला था। इस कॉल को कोलकाता की राइटर्स बिल्डिंग से दिल्ली के संचार भवन में कनेक्ट किया गया था। इस कॉल के साथ ही कोलकाता में मोबाइल फोन सेवा की शुरुआत की गई थी। देश की पहली मोबाइल कॉल मोदी टेल्सट्रा मोबाइलनेट सर्विस के जरिए की गई थी।

1973 में हुई दुनिया की पहली मोबाइल कॉल

अब आफ सोच रहे होंगे कि दुनिया की पहली मोबाइल कॉल कब हुई थी तो हम आपको इस सवाल का जवाब भी दे देते हैं। दुनिया की पहली मोबाइल कॉल 3 अप्रैल1973 में की गई थी। इस कॉल को करने का सौभाग्य फोन निर्माता कंपनी मोटोरोला के कर्मचारी मार्टीन कूपर को मिला था। दुनिया की पहली मोबाइल कॉल करने के बाद कूपर बहुत ही फेमस हो गए थे।

कॉल सुनने के भी देने पड़ते पैसे

भारत में मोबाइल का शुरुआती दौर बहुत ही महंगा था। उस समय कॉल करने के अलावा कॉल सुनने यानी इनकमिंग कॉल्स पर भी पैसे देने पड़ते थे। शुरुआत में लोगों को बड़ी मुश्किल से मोबाइल फोन मिल पाता था। इसका कारण था कि यह बहुत महंगे होते थे और केवल बड़े शहरों में ही मोबाइल कॉल की सुविधा उपलब्ध थी। लेकिन तकनीकी विकास और टेलिकॉम सेक्टर में निजी कंपनियों के आने के बाद मोबाइल से कॉल करने बेहद सस्ता हो गया है। आज इनकमिंग कॉल पूरी तरह से फ्री है जबकि आउटगोइंग कॉल के लिए भी बहुत ही कम पैसे देने पड़ते हैं।