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दुनिया की बड़ी आबादी है पैसों की बीमारी का शिकार, ये है इस बीमारी के लक्षण

अक्सर लोगों को लगता है कि पैसा ही सबकुछ है। पैसा नहीं तो कुछ नहीं। शायद इसलिए ही लोग हर संभव कोशिश कर अमीर बनना चाहते हैं।
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दुनिया की बड़ी आबादी है पैसों की बीमारी का शिकार ,ये है इस बीमारी के लक्षण

नई दिल्ली। अक्सर लोगों को लगता है कि पैसा ही सबकुछ है। पैसा नहीं तो कुछ नहीं। शायद इसलिए ही लोग हर संभव कोशिश कर अमीर बनना चाहते हैं। लेकिन हाल ही में आई एक रिपोर्ट में पैसों को लेकर एक बड़ा खुलासा किया गया हैं। ब्रिटेन के जानेमाने चिकित्सक राजर हैंडरसन ने ये रिपोर्ट तैयार की है। जिसमें इस बात का खुलासा किया गया है कि दुनिया की बड़ी आबादी पैसे की बीमारी की शिकार है। इस बीमारी के कई लक्षण होतों हैं जिनसे आप ये जान सकते हैं आपकों भी ये बिमारी है या नहीं। आइए जानते हैं कि क्या हैं इस बीमारी के लक्षण...

ये है बीमारी के लक्षण
ब्रिटेन के चिकित्सक राजर हैंडरसन की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस बीमारी का शिकार ज्यादातर अमीर लोग हैं। ऐसे बहुत ही कम गरीब लोग होंगे जो इस बीमारी का शिकार हैं। चिकित्सक राजर हैंडरसन ने इस बीमारी को मनी सिकनेस सिंड्रोम नाम दिया है। इस बीमारी के लक्षण हैं तनाव बढ़ना, कर्ज़ में डूबना, हद-से-ज़्यादा काम करना, कभी संतुष्ट न होना, पैसे की बरबादी, ईर्ष्या और हताशा।

दुनिया की बड़ी अबादी है इस बीमारी से पीड़ित
इस रिपोर्ट में इस बात का भी खुलासा किया गया है कि आधी से ज्यादा अबादी इस बीमारी से पीड़ित हैं। इतना ही नहीं आने वाली जनरेशन में इसके सबसे ज्यादा लक्षण देखने को मिल रहे हैं। ये बीमारी लोगों के बीच बुरी तरह से फैलती चली जा रही है इसका मुख्य कारण लोगों का पैसों के पीछे भागना है और जल्द से जल्द अमीर बनना हैं।

इस बीमारी से ऐसे बचे
मनी सिकनेस सिंड्रोम से बचने का सबसे अच्छा और आसान तरीका है कि कभी पैसों के पीछे ना भागें। खर्च करने से पहले बजट बनाए और खर्च करने के बाद उसका हिसाब लिखकर रखे। इससे फिजूलखर्ची में बहुत कमी आती है। अपने बनाए बजट पर अनुशासन के साथ अमल करना चाहिए। खुश होने और अपनों को खुश रहने के लिए कुछ ऐसे भावनात्मक तरीकों की खोज कीजिए, जिसमें ज्यादा पैसे खर्च करने की कोई जरूरत नहीं। याद रखिए खुशी पैसों में नहीं है, खुशी तो आपके भीतर है।