
मुकेश अंबानी का नया कारोबारी दांव, जियो के बाद अब जामनगर आॅयल रिफाइनरी में करेंगे बड़ा निवेश
नर्इ दिल्ली। रिलायंस जियो की अपार सफलता के बाद अब अरबपति बिजनेसमैन मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज आॅयल रिफाइनरी काराेबार को बढ़ाने के बारे में सोच रही है। एक बिजनेस वेबसाइट को प्राप्त जानकारी के मुताबिक, रिलायंस इंडस्ट्रीज की इस प्रस्तावित प्लान के तहत जामनगर स्थित दुनिया की सबसे बड़ी आॅयल रिफाइनरी में अब सालाना 3 करोड़ टन अधिक कच्चे तेल की प्रोसेसिंग होगी। बीते एक माह में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में 1.1 फीसदी की तेजी दर्ज की गर्इ है।
दूसरी विदेशी कंपनियां भारत में पसार रही हैं पांव
सउदी अरामको, अबूधाबी नेशनल आॅयल कंपनी आैर रूस की राॅसनेफ्ट द्वारा भारत में प्लांट अधिग्रहण के बाद सबसे अमीर एशियार्इ शख्स मुकेश अंबानी अब भारत में आरआर्इएल की वर्चस्व बढ़ाने की काेशिश में है। मौजूदा समय में तेल खपत के मामले में भारत दुनियाभर में तेजी से उभरता हुआ देश बनता जा रहा है। भारत में फ्यूल रिटेलिंग को लेकर एसए एंड राॅयल डच भी अपने कारोबार काे बढ़ाने में लगे हुए हैं। इंटरनेशन एनर्जी एजेंसी के मुताबिक, साल 2040 तक भारत में कुल एनर्जी मांग बढ़कर दोगुनी हो जाएगी।
10 अरब डाॅलर खर्च करेगी रिलायंस इंडस्ट्रीज
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इस प्लान के लिए रिलांयस इंडस्ट्रीज वैश्विक रिफाइनरी प्रोसेस लाइसेंर्स व इक्विपमेंट वेंडर्स से बातचीत शुरू कर चुकी है। कंपनी की तरफ से प्रस्तावित प्लांट का खर्च अनुमानतः 10 अरब डाॅलर होगा। सउदी अरामको व एडीएनआेसी ने भारत के पश्चिमि तट पर 6 करोड़ टन क्षमता वाले रिफाइनरी काॅम्प्लेक्स को बनाने के लिए समझौता किया है। जबकि राॅसनेफ्ट ने देश के दूसरे सबसे बड़े प्राइवेट आॅयल प्रोसेसर के साथ अनुबंध किया है। शेल ने भी भारत में दोबार गैसोलिन व डीजल की बिक्री शुरू कर दी है। जबकि टोटल ने अडानी समूह से एक करार के तहत लिक्विफाइड प्राकृतिक गेैस का आयात कर फ्यूल रिटेलिंग बिजनेस में उतर चुकी है।
नहीं हुआ है कोर्इ अंतिम फैसला
गौरतलब है कि भारत व मिडल र्इस्ट में तेल की मांग की वजह से दोनों क्षेत्र 2030 तक यूरोपियन यूनियन की तुलना में सबसे बड़े ग्राहक बन सकते हैं। इसमें अधिकतर, ट्रकों के लिए डीजल व पेट्रोकेमिकल्स फीडस्टाॅक शामिल होंगे। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, रिलायंस सबसे गंदे व भारी कच्चे तेल को प्रोसेस कर पेट्रोकेमिकल्स के लिए फीडस्टाॅक तैयार करने के बारे में सोच रही है। हालांकि कंपनी का यह प्लान अभी शुरुआती दौर में है आैर इसपर कोर्इ अंतिम मुहर नहीं लगा है।
Published on:
19 Nov 2018 01:57 pm
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