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रिलायंस ने चौथी तिमाही में हुआ 9435 करोड़ रुपए का मुनाफा, जियो भी फायदे में

चौथे क्‍वार्टर में आरआईएल का मुनाफा 17.26 फीसदी बढ़कर 9435 करोड़ रुपए हो गया। यह अब तक का दूसरा सबसे ज्यादा कंसोलि‍डेटेड क्वार्टरली प्रॉफिट है।

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नई दिल्ली। रिलायंस इंडस्ट्री का फानेंशियल ईयर 2017-18 के आखिरी तिमाही में काफी अच्‍छा प्रदर्शन किया है। इस दौरान कंपनी की आय में 1 लाख करोड़ के पार गई है। जहां एक ओर RIL का मुनाफा 17.26 फीसदी बढ़कर 9435 करोड़ रुपए हो गया। दूसरी ओर टेलिकॉम कंपनी जियो का मुनाफा 504 करोड़ से बढ़कर 510 करोड़ रुपए हो गया। दूसरी ओर चौथी तिमाही में आरआईएल का जीआरएम 11 डॉलर प्रति बैरल रहा है। कंपनी ने 6 रुपए प्रति शेयर डिविडेंड देने की भी घोषणा की है।आपको बता दें मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीर काफी समय से अच्छाम कर रही है।

जियो ने भी कमाया मुनाफा
पहले बात रिलायंस जीयो की करें तो चौथी तिमाही में मुनाफा बढ़कर 504 करोड़ रुपए से 510 करोड़ रुपए हो गया। इस दौरान जियो की आय 6879 करोड़ से बढ़कर 7128 करोड़ रुपए हो गई है। जियो के अब तक 18.66 करोड़ यूजर्स हो गए हैं।

RIL का बढ़ा मुनाफा
चौथे क्‍वार्टर में आरआईएल का मुनाफा 17.26 फीसदी बढ़कर 9435 करोड़ रुपए हो गया। यह अब तक का दूसरा सबसे ज्यादा कंसोलि‍डेटेड क्वार्टरली प्रॉफिट है। फाइनेंशियल ईयर 2017 की चौथी तिमाही में आरआईएल का मुनाफा 8046 करोड़ रुपए का था। पिछली तिमाही में कंपनी को 9,423 करोड़ रुपए का प्रॉफिट हुआ था।

कंसो सेल्‍स में हुआ इजाफा
अगर बात कंसोलिडेटेड सेल्स की करें तो चौथी तिमाही में सालाना आधार पर आरआईएल की कंसोलिडेटेड सेल्स 29.34 फीसदी बढ़कर 1.20 लाख करोड़ रुपए हो गई। फाइनेंशियल ईयर 2017 की चौथी तिमाही में आरआईएल की कंसोलिडेटेड सेल्स 92889 करोड़ रुपए थी। तीसरी तिमाही में यह आंकड़ा 1.09 लाख करोड़ थी। जबकि 2013 की दिसंबर तिमाही में आरआईएल की कंसोलिडेटेड सेल्स सबसे ज्‍यादा 1.18 लाख करोड़ रुपए थी। मुकेश अंबानी ने कहा कि रिटेल और डिजिटल में ग्रोथ की अपार संभावनाएं हैं। इन सेक्‍टर में निवेशकों को फायदा होगा। मुकेश अंबानी ने बताया कि जियो पहले साल ही मुनाफे में आया। उन्‍होंने कहा कि जियो का कॉल ड्रॉप टेलिकॉम इंडस्‍ट्री में सबसे कम है।