Rail Budget 2019: 'हाईस्पीड' से रेलवे का होगा निजीकरण, एयरपोर्ट जैसे बनेंगे स्टेशन, नहीं बढ़ा किराया

Rail Budget 2019: 'हाईस्पीड' से रेलवे का होगा निजीकरण, एयरपोर्ट जैसे बनेंगे स्टेशन, नहीं बढ़ा किराया

Kaushlendra Pathak | Updated: 05 Jul 2019, 04:31:26 PM (IST) इंडस्‍ट्री

  • Rail Budget 2019: भारतीय रेलवे में लागू होगा 'ट्रिपल P' मॉडल
  • रेल किराए में कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई
  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा- देश में बढ़ेगी ट्रेनों की रफ्तार

नई दिल्ली। मोदी सरकार 2.0 का पहला बजट पेश हो गया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2019-20 का आम बजट ( budget 2019-20 ) पेश किया। इस बजट में मोदी सरकार ने गांव, गरीब और किसानों का खासा ध्यान रखा है। आम बजट के साथ-साथ वित्त मंत्री सीतारमण ने रेल बजट (Rail Budget 2019-20) रेलवे के ढांचे को बदलने के लिए सरकार ' ट्रिपल P ' मॉडल ( PPP model ) पर काम करेगी। मतलब भारतीय रेल का अब निजीकरण होगा, तभी उसकी तस्वीर और तकदीर बदल सकती है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ( Nirmala Sitharaman ) ने रेल बजट में साफ, सुरक्षित और समयबद्ध रेल यात्रा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय रेल और मेट्रो प्रोजेक्ट में पीपीपी ( पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप ) मॉडल के जरिए निजी भागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा। बजट में सीतारमण ने रेलवे ट्रैक के लिए पीपीपी मॉडल को मंजूरी दी है। उनका कहना था कि पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल से रेलवे के विकास में तेजी आएगी।

 

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50 लाख करोड़ के निवेश की जरूरत

निर्मला सीतारमण ने अपने भाषण के दौरान कहा कि 2018 से 2030 के बीच रेलवे ढांचे को बदलने के लिए 50 लाख करोड़ रुपए के निवेश की आवश्यकता होगी। वित्त मंत्री के मुताबिक रेलवे का पूंजी परिव्यय प्रति वर्ष 1.5 से 1.6 लाख करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि मंजूर परियोजनाओं को पूरा करने में कई दशक लग जाएंगे। इसलिए, तीव्र विकास, पटरियां बिछाने, यात्री मालाभाड़ा सेवाओं की सुपुर्दगी के लिए पीपीपी मॉडल का इस्तेमाल किया जाएगा।

प्राइवेट ट्रेनों का होगा संचालन

पीपीपी मॉडल के साथ मोदी सरकार देश में पहली बार प्राइवेट ट्रेनों का संचालन शुरू करने जा रही है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि भारतीय रेलवे की योजना है कि निजी भागीदारों को पर्यटन वाले रूट पर कुछ चुनिंदा ट्रेनें संचालित करने की अनुमति प्रदान की जाए। सरकार की 100 दिन की योजना के तहत दो ट्रेनें संचालन के लिए आईआरसीटीसी को दी जाएंगी। इसके जरिए ट्रेन यात्रियों को और प्रीमियम सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा

कुछ स्टेशन एयरपोर्ट की तर्ज पर होंगे विकसित

अपने बजट भाषण में निर्मला सीतारमण ने कहा कि 22 स्टेशनों को एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इनमें बांद्रा टर्मिनल, कोलकाता व कानपुर सेंट्रल जैसे स्टेशन शामिल हैं। इन स्टेशनों पर हर तरह की सुविधा मौजूद रहेगी।

 

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ट्रेनों की बढ़ेगी रफ्तार

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का जोर यात्री ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने पर है। उन्होंने कहा कि कई ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि रेलवे नेटवर्क का कंजेशन खत्म करने के लिए जलमार्ग भी तेजी से विकसित किए जा रहे हैं। मालगाड़ियों के लिए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का निर्माण भी तेजी से किया जा रहा है। इन परियोजनाओं से रेलवे नेटवर्क का कंजेशन खत्म होगा और यात्री गाड़ियों के साथ ही माल ढुलाई को भी पहले से ज्यादा तेज और समबद्ध करना संभव हो सकेगा।

सुरक्षा पर फोकस

निर्मला सीतारमण ने कहा कि पिछली बार की तरह इस बार भी हमारा फोकस सुरक्षित रेल यात्रा पर होगा। यात्रियों की सुरक्षा के लिए ट्रेनों के अंदर और स्टेशनों पर CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। इसके अलावा उन्होंने कहा कि वंदे भारत जैसी ट्रेनों की उत्पादन आगे भी जारी रहेगा।

यात्री किराए में कोई बढ़ोत्तरी नहीं

वित्त मंत्री ने रेलवे यात्रियों को इस बार कोई अतिरक्त बोझ नहीं दिया। उन्होंने कहा कि रेलवे किराए में कोई बढ़ोत्तरी नहीं होगी। रेल मंत्री ने न तो किराए घटाया और न ही कोई बढ़ोत्तरी की। इससे साफ स्पष्ट है कि रेल यात्रियों पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।

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