वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने के बाद अब रेल मंत्रालय आम जनता के फायदे के लिए करने जा रहा ये काम

वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने के बाद अब रेल मंत्रालय आम जनता के फायदे के लिए करने जा रहा ये काम

Shivani Sharma | Publish: May, 25 2019 06:58:13 PM (IST) इंडस्‍ट्री

  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने रेलवे में काफी बड़े-बड़े बदलाव किए हैं
  • एक बार फिर सत्ता में आने के बाद पीएम मोदी भारतीय रेलवे का चेहरा बदलने वाले हैं
  • आने वाले समय में रेलवे में कई तरह के बदलाव किए जाएंगे

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने रेलवे में काफी बड़े-बड़े बदलाव किए हैं। मोदी सरकार ने रेलवे की काया ही पलट कर रख दी है। पिछले पांच सालों में रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजूत किया गया है। इसके साथ ही यात्री की सुविधाओं में बढ़ोतरी की, स्टेशनों के आधुनिकीकरण, ऑनलाइन टिकटों की बिक्री, टिकट आरक्षण की प्रणाली में बदलाव समेत तमाम कदम उठाए गए हैं और इन सभी में रेलवे विभाग को काफी सफलता भी मिली है। इसके अलावा भारत में ट्रेनों की लेटलतीफी देश की आम जनता के लिए एक बड़ी समस्या है। इस समस्या को दूर करने के लिए रेल मंत्रालय की ओर से समय-समय पर कई कदम उठाए जा रहे हैं और जल्द ही इस परेशानी से भी छुटकारा मिलेगा।


2022 तक भारत में आएगी बुलेट ट्रेन

आपको बता दें कि 2022 तक मोदी सरकार का भारत में बुलेट ट्रेन लाने का विचार है और इस सपने को पूरा करने के लिए मोदी सरकार जोरों-शोरों से तैयारी कर रही है। देश की पहली हाई स्पीड बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का काम तेजी से चल रहा है। पुलों, सुरंगों की डिजाइनिंग का लगभग 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। यह ट्रेन अहमदाबाद और मुंबई के बीच 500 किलोमीटर की दूरी में चलेगी। यह ट्रेन 500 किमी की दूरी को 3 घंटे में पूरा कर लेगी। यह ट्रेन 320 सैकेंड में 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ लेगी। बुलेट ट्रेन अग्नि और भूंकपरोधी होगी।

 

 

bullet train

वंदे भारत एक्सप्रेस है सबसे बड़ी उपलब्धि

इन सबके अलावा मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि वंदे भारत एक्सप्रेस है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 फरवरी 2019 को इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। आपको बता दें कि वंदेभारत जैसी बिना इंजन वाली ट्रेन बनाकर देश में रेलवे की दिशा बदल दी है। यह पहली ऐसी ट्रेन है जो बिना इंजन के चलती है। यह ट्रेन 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती है। फिलहाल इस समय यह ट्रेन दिल्ली सा वाराणसी के रूट पर दौड़ती है, लेकिन आने वाले समय में देश में इस तरह की कई ट्रेनों की शुरूआत की जाएगी।

 

vande bharat

2022 तक रेलवे का होगा 100 फीसदी विद्युतीकरण

आने वाले तीन सालों में मोदी सरकार रेलवे का विद्युतीकरण करने का विचार बना रही है। केंद्रीय कैबिनेट ने रेलवे ट्रैक के सौ फीसदी विद्युतीकरण के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद 2022 तक देश की सभी ब्रॉड गेज रेल लाइनों का विद्युतीकरण किया जाएगा। रेलवे के इस कदम से ट्रेन के ईंधन के बिल में प्रतिवर्ष 13,510 करोड़ रुपए की बचत होगी। रेल मंत्रालय ने जानकारी देते हुए बताया कि विद्युतीकरण के इस काम में 12,134 करोड़ रुपए का खर्च किया जाएगा और इसको 2022 तक पूरा कर लिया जाएगा।

 

electric train

सभी रेलवे स्टेशनों पर लगाए जा सकते हैं स्केलेटर

मोदी सरकार अपने आगामी 5 सालों में सभी रेलवे स्टेशनों पर स्केलेटर लगा सकती है। स्टेशनों पर बेहतर सुविधा प्रदान करने के मकसद से रेलवे ने पहले वृद्ध व शारीरिक रूप से अशक्त लोगों के साथ साथ अन्य रेलयात्रियों के आवागमन सुचारु बनाने के लिए देशभर में करीब 2,500 स्केलेटर लगाने की घोषणा की थी, जिसमें से काफी हद तक काम हो गया है और बकाया स्टेशनों पर निर्माण कार्य चल रहा है। जल्द हीसभी जगह यात्रियों को यह खास सुविधा मिल पाएगी।

 

escilatro

2022 तक मालगाडि़यां के लिए बनेगा कॉरिडोर

इसके अलावा भविष्य में सरकार डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनाने पर भी विचार कर रही है। इससे यात्रियों को काफी राहत मिलेगी और दादरी से मुंबई के बीच बन रहा पश्चिम कॉरिडोर के 2020 में चालू होने की उम्मीद है। जबकि लुधियाना से डांकुनी के बीच बन रहा पूर्वी कॉरिडोर 2021-22 में पूरा होगा। दोनो कॉरिडोर के कुछ बीच के खंड पहले भी चालू हो सकते हैं। इससे मालगाडि़यां कॉरिडोर पर शिफ्ट हो जाएंगी और मौजूदा लाइनें पूरी तरह पैसेंजर ट्रेनों के लिए मुक्त हो जाएंगी। इससे यात्री और माल यातायात दोनों में कई गुना बढ़ोतरी होगी तथा ग्राहकों के साथ-साथ रेलवे को को जबरदस्त लाभ होगा।


ट्रेनों की लेटलतीफी से मिलेगा छुटकारा

रेलमंत्री पीयूष गोयल ने लेटलतीफी दूर करने के लिए ट्रेनों की औसत रफ्तार बढ़ाने तथा दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा रूटों को तीन महीने के भीतर 160 किलोमीटर की रफ्तार वाली ट्रेनों के योग्य बनाने के अफसरों को निर्देश दिए हैं। मोदी सरकार की ओर ट्रेनों की लेटलतीफी को कम करने के लिए 'मिशन रफ्तार' की शुरूआत की थी क्योंकि ट्रेन के लेट होने से यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

 

indian railway

भविष्य में होगा और भी ज्यादा विकास

मोदी सरकार के आन के बाद रेलवे विभाग देश के गरीब, मध्यम और अमीर सभी वर्गों के बारे में एक समानता से सोचता है। गोयल ने जानकारी देते हुए बताया कि आने वाले समय में भी रेलवे में नई-नई तकनीकी को लाया जाएगा और रेलवे का तेजी से विकास किया जाएगा। इसके अलावा आने वाले समय में राजधानी और शताब्दी की तरह ही एक्सप्रेस और मेल ट्रेन के कोच भी आकर्षक बनाए जाएंगे जो आरामदायक भी होंगे। उन्होंने कहा है कि इन कोचों में भी पीवीसी फ्लोरिंग और एलईई लाइट्स के साथ शौचालयों में भी संकतेक लगाए जाएंगे ताकि यात्रियों का सफर सुखद होगा।

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