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स्टरलाइट प्लांट मामलाः पाॅल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने अप्रैल में की थी प्लांट को बंद करने की सिफारिश

तमिलनाडु के डिप्टी सीएम ओ. पन्नीरसेल्वम ने कहा कि सरकार स्टरलाइट कॉपर स्मेल्टर प्लांट को स्थाई तौर पर बंद करने के लिए कदम उठाएगी।

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तमिलनाडु सरकार का फैसला, स्टरलाइट कॉपर स्मेल्टर प्लांट होगा बंद

नर्इ दिल्ली। तमिलनाडु सरकार ने सोमवार को वेदांता समूह के स्वामित्व वाले तांबा प्रगालक संयंत्र को बंद करने के आदेश जारी किए। राज्य सरकार ने यह आदेश स्टरलाइट संयंत्र के चालू रहने को लेकर विरोध के दौरान पुलिस गोलीबारी में 13 लोगों की मौत के एक हफ्ते के बाद जारी किया है। सरकार के आदेश में कहा गया है कि सरकार के ध्यान में यह लाया गया है कि तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (टीएनपीसीबी) ने इस साल नौ अप्रैल के अपने आदेश में तूतीकोरिन के तांबा प्रगालक संयंत्र के संचालन की सहमति का नवीनीकरण नहीं किया और इसके बाद 23 मई को पीसीबी ने इसे बंद करने व बिजली आपूर्ति के कनेक्शन काटने के निर्देश जारी किए हैं।

सीएम ने जारी किए आदेश
आदेश में कहा गया है, "जल अधिनियम 1974 के 18 (1)(बी) की धाराओं के तहत व्यापक जनहित में सरकार टीएनपीसीबी के बंद करने के निर्देश का समर्थन करती है और टीएनपीसीबी को इकाई को सील करने व संयंत्र को स्थायी रूप से बंद करने का निर्देश दिया।" मुख्यमंत्री ई.के. पलनीस्वामी ने एक अलग बयान में कहा कि तांबा प्रगालक संयंत्र के 'संचालन की सहमति' इस साल मार्च में समाप्त हुई थी और इसे टीएनपीसीबी द्वारा नवीनीकृत नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि 24 मई को संयंत्र की बिजली व पानी के कनेक्शन की आपूर्ति काटी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तूतीकोरिन के लोगों की संयंत्र को बंद करने की मांग स्वीकार कर ली गई है और इस प्रभाव के आदेश जारी कर दिए गए हैं।

प्रदर्शनकारियों ने आदेश किया स्वागत
यह आदेश भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि तांबा प्रगालक संयंत्र के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोग सरकार से औपचारिक आदेश जारी करने की मांग कर रहे थे, क्योंकि वे सिर्फ मौखिक वादे से संतुष्ट होने वाले नहीं थे। आदेश का स्वागत करते हुए प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उन्हें इस पर कैबिनेट के फैसले की आवश्यता है, अन्यथा कंपनी अदालत में जाएगी और स्थगन ले ली। वे यह भी चाहते हैं कि केंद्र सरकार भी इसी तरह का रुख अपनाए।

डिप्टी सीएम का आया था बयान
इससे पहले दिन में उप मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम ने सोमवार को तूतीकोरिन का दौरा किया और सरकार द्वारा स्थाई रूप से तांगा प्रगालक संयंत्र को बंद करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाने की घोषणा की। हिंसा प्रभावित शहर का दौरा करने वाले वे पहले वरिष्ठ राजनेता हैं। पन्नीरसेल्वम ने अस्पताल का भी दौरा किया और 22 मई को स्टरलाइट तांबा संयंत्र के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पुलिस गोलीबारी में घायल लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। इस प्रदर्शन में 13 लोगों की मौत हो गई थी।

उपमुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से कहा कि घायलों को मुआवजे का भुगतान किया जा रहा है। शहर में जनजीवन फिर से सामान्य हो रहा है। दुकानें व अन्य प्रतिष्ठान उपभोक्ताओं के लिए खुल रहे हैं। इंटरनेट कनेक्टिविटी रविवार की मध्य रात्रि से बहाल कर दी गई है। इसे 23 मई से रोक दिया गया था। तूतीकोरीन ट्रेडर्स संघ के एस.राजा ने आईएएनएस को बताया, "दुकानें अब खुल गई हैं। हालात सामान्य हो रहे हैं, लेकिन जब तक तांबा संयंत्र स्थाई तौर पर बंद नहीं होगा, शहर में पूर्ण शांति बहाल नहीं होगी।" राजा ने यह भी कहा कि जिन पुलिस अधिकारियों ने गोलियां चलाईं, उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाना चाहिए। राजा के मुताबिक, पुलिस गोलीबारी में मारे गए 13 में से सात का पोस्टमार्टम किया गया है।