25 सितंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

टाटा की नजर लगते ही इस कंपनी को हो गया अरबों का मुनाफा

टाटा ग्रुप द्वारा कोलकाता की ऊषा मार्टिन कंपनी को खरीदने की चर्चाओं से ही मुनाफा हो गया है। खबरों के अनुसार टाटा स्टील इस कंपनी को खरीदने की होड़ में है।
2 min read
Google source verification

•

image

Saurabh Sharma

•

Jun 09, 2018

tata steel

टाटा की नजर लगते ही इस कंपनी को हो गया अरबों का मुनाफा

नई दिल्ली। कहते हैं किसी नजर लगना अच्छी बात नहीं। लेकिन टाटा की बात ही कुछ आैर है। अगर टाटा की नजर किसी कंपनी को लग जाए तो उसके व्यारे-न्यारे हो जाते हैं। एेसा ही कोलकाता की एक स्टील कंपनी के साथ हुआ। इस कंपनी पर टाटा की नजर लगते ही करोड़ों रुपयों का मुनाफा हो गया। आइए आपको भी बताते हैं टाटा की नजर ने इस डूबते हुए जहाज को कैसे सहारा दिया?

सिर्फ चर्चा से हो गया मुनाफा
टाटा ग्रुप द्वारा कोलकाता की ऊषा मार्टिन कंपनी को खरीदने की चर्चाओं से ही मुनाफा हो गया है। खबरों के अनुसार टाटा स्टील इस कंपनी को खरीदने की होड़ में है। इसके बाद ऊषा मार्टिन के स्टॉक्स में खरीददारी खासी तेज हो गई और शुक्रवार को स्टॉक में 20 फीसदी का अपर सर्किट लग गया। बीते 3 दिन में इस कंपनी में इन्वेस्टर्स की रकम लगभग 45 फीसदी बढ़ चुकी है।

3 दिन में अरबों का मुनाफा
कंपनी का स्टॉक 20 फीसदी बढ़कर 28.90 रुपए के लेवल पर पहुंच गया। हालांकि ट्रेडिंग के अंत में तेजी कुछ सीमित हो गई और स्टॉक 13 फीसदी बढ़कर 27.20 के स्तर पर क्लोज हुआ। बीती 5 जून को स्टॉक 19.95 रुपए पर बंद हुआ था और टाटा स्टाल द्वारा कंपनी में दिलचस्पी दिखाने की खबर के बाद स्टॉक में ट्रेडिंग वॉल्यूम 10 गुना बढ़ गया। इसके साथ ही बीएसई और एनएसई पर ऊषा मार्टिन के 92 लाख स्टॉक्स में ट्रेडिंग हो चुकी है। दोनों एक्सचेंजेस से मिले आंकड़ों के मुताबिक लगभग 8 लाख स्टॉक्स के ऑर्डर पेंडिंग हैं।

कंपनी के लिए टाटा ने लगार्इ है इतने करोड़ की बोली
जानकारों के अनुसार टाटा स्टील ने कोलकाता बेस्ड कंपनी के लिए 6 हजार करोड़ रुपए की ऊंची बोली लगाई है। हालांकि बीएसई से मिले डाटा के मुताबिक ऊषा मार्टिन का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 880 करोड़ रुपए है। स्पेशियल्टी स्टील बनाने वाली ऊषा मार्टिन का जमशेदपुर में 10 लाख टन क्षमता का प्लांट है। ग्रुप पर कर्ज बढ़ने की वजह से ऊषा मार्टिन के प्रमोटर अपने स्टील बिजनेस को बेचने बारे में विचार कर रहे हैं।

बीएसई ने मांगा था जवाब क्लैरिफिकेशन
जानकारों की मानें तो बीएसई ने 8 जून को ऊषा मार्टिन से कंपनी बेचने संबंध में जवाब मांगा था। लेकिन ऊषा मार्टिन ने बीएसई को अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है। ऊषा मार्टिन एक अग्रणी इंटीग्रेटेड स्पेशियल्टी स्टील कंपनी है और देश की बड़ी वायर रोप मैन्युफैक्चरर्स में से एक है। दुनिया के कई बाजारों में उसकी पहुंच है।