
भारतीय स्मार्टफोन बाजार से जल्द खत्म सकता है शाआेमी का कारोबार, Samsung फिर होगी नंबर 1
नर्इ दिल्ली। स्मार्टफोन बाजार में भारत में माैजूदा समय में शाआेमी के फोन्स काफी लोकप्रिय है। लेकिन भारतीय बाजार में शाआेमी की पकड़ को लेकर कर्इ सवाल खड़े हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल ये है कि अाखिर कब तक शाआेमी भारतीय स्मार्टफोन कारोबार पर अपनी वर्चस्व कायम रख पाएगी। माैजूदा समय में चीन के बाद भारत स्मार्टफोन कारोबार का दूसरा सबसे बड़ा बाजार है। काउंटरप्रिंट रिसर्च की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले दो तिमाहियों में शाआेमी का बाजार में वर्चस्व देखने को मिला था लेकिन जून में खत्म हुए तिमही में काेरियार्इ स्मार्टफोन कंपनी सैमसंग एक बार फिर भारतीय बाजार में वापसी करते हुए दिखार्इ दे रही है। सैमसंग ही नहीं बल्कि शाआेमी के लिए दो अौर चाइनीज ब्रांड चुनौती पेश कर रहे हैं। ये ब्रैंड हैं वन प्लस आैर आॅनर। जून की तिमाही में इन दोनों कंपनियों की ग्रोथ में बड़ी तेजी देखने को मिली है।
महंगे फोन पर अधिक है ग्राहकों का भरोसा
इस रिसर्च डेटा पर ध्यान दिया जाए तो आने वाले दिनों में शाआेमी के लिए कर्इ चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। बीते कुछ समय में शाअोमी की प्राइसिंग स्ट्रैटजी पर ध्यान दें तो इसमें अधिकतकर फोन कम कीमतों वाले हैं। शाआेमी की करीब दो तिहार्इ स्मार्टफोन 10 हजार रुपये की अंदर है। तुलनात्मक रूप से देखें तो सैमसंग पहले स्थान पर आ चुका है, हालांकि 10 हजार के रेंज में उसने केवल 42 फीसदी फोन ही बेचें हैं। दूसरे शब्दों में ये कह सकते हैं कि आज के समय में स्मार्टफोन कंज्यूमर महंगे फोन खरीदने में थोड़े भी नहीं हिचकते हैं।
सीमित हो सकता है शाआेमी का कारोबार
अपने स्मार्टफोन में शाआेमी ने ग्राहकों को इस बात पर भरोसा दिलाने की कोशिश की है कि एक बेहतर स्मार्टफोन के लिए हार्डवेयर उतना मायने नहीं रखता है। साथ ही शाआेमी ग्राहकों काे ये बात भी नहीं भूलना चाहिए कि मर्इ माह में कंपनी के संस्थापक ली जून ने कहा था कि हम एक स्मार्टफोन पर 5 फीसदी से अधिक नेट इनकम का मार्जिन नहीं रखते हैं। इस विषय से जुड़े बड़े जानकारों की मानें तो आने वाले दिनों में शाआेमी का बिजनेस प्लेटफार्म एेड सेल करने आैर दूसरी सेवाएं देने तक ही सीमित हो सकती है।
निवेशक खड़े कर सकते हैं कंपनी पर सवाल
जानकारों का कहना है कि सस्ता होने लाॅयल्टी का पैमाना नहीं है। सैमसंग इस बात का सबूत है। आखिर कौन सबसे अधिक लाॅयल ग्राहक होगा, वो जो कि अपने स्मार्टफोन के लिए मात्र 10,000 रुपये खर्च किया है या फिर वो जिसने अपने स्मार्टफोन पर करीब 40,000 रुपये खर्च किया है। काउंटरप्रिंट के इसी रिसर्च में सामने आया है कि वनप्लस का शिपमेंट में 284 फीसदी की वृद्घि हैं जबकि आॅनर के शिपमेंट में भी 188 फीसदी की वृद्घि देखने को मिली है। वहीं साल दर साल के हिसाब से शाआेमी ने 112 फीसदी की ग्रोथ ही दर्ज किया है। यदि शाआेमी अपने निवेशकों को जल्द से जल्द हार्डवेयर मार्जिन का लाभ नहीं देती है आैर ग्राहकों की लाॅयल्टी को नहीं बढ़ाती है तो एेसे में निवेशक कपंनी पर सवाल खड़े कर सकते हैं।
Updated on:
25 Jul 2018 02:11 pm
Published on:
25 Jul 2018 02:02 pm
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