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गांवों को नपा सीमा में लाने सरपंचों के साथ जल्द होगी फाइनल बैठक

--शहर से जुड़ चुके हैं आधा दर्जन गांव--एक बार हो चुकी है जनप्रतिनिधियों व नपा अफसरों की बैठक

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Eleven colonies invalid in the city, itarsi, old itarsi

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इटारसी। शहर से करीब आधा दर्जन गांव पूरी तरह जुड़ गए हैं। इन गांवों की सीमा और शहर की सीमा एक-दूसरे को छू गई है। इन गांवों को नगरपालिका सीमा में लाने के लिए एक बार बैठक हुई और फिर मामला ठंडे बस्ते में चला गया था। पत्रिका ने जब इस मामले को दोबारा कुरेदा तो निकाय के जिम्मेदार अफसर अब इस मामले को लेकर जल्द ही सरपंचों के साथ बैठक कर फाइनल सहमति लेने की बात कह रहे हैं। कड़वी हकीकत यह है कि इन गांवों को शहरों में नहीं मिलाने के लिए अभी तक कोई ठोस पहल होते नहीं दिख रही है। बरसों से जो परिपाटी चली आ रही है बस उसी के मुताबिक जिला प्रशासन भी चलता आ रहा है। मास्टर प्लान में इन गांवों को निवेश जोन में रखा जा चुका है इस लिहाज से इन गांवों को शहरी सीमा में शामिल करने में कोई खास समस्या भी नहीं आएगी।
इन गांवों का जुडऩा जरुरी
इटारसी नगरपालिका की सीमा से रेसलपुर, पथरोटा, मेहरागांव, गोंचीतरोंदा, सोनासांवरी, बोरतलाई सहित कुछ अन्य गांव जुड़ चुके हैं। इन गांवों को जिला प्रशासन और जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों ने शहरी सीमा में शामिल कर उन्हें शहर का वार्ड बनाने की प्रक्रिया आज तक गंभीरता से नहीं की है। कई बार इस मुद्दे को लेकर चर्चा जरुर हुई मगर वह कभी मूर्तरूप नहीं ले सकी।
इसलिए गांव नहीं जुडऩा चाहते
- ग्राम पंचायत में होने से संपत्तिकर सहित अन्य करों से बचाव।
- पार्षद की अपेक्षा सरपंच के पास ज्यादा अधिकार होते हैं।
- सरपंच या पंच होने से गांव में लोगों के बीच एक अलग छवि होती है।
-बड़े स्तर की राजनीति का सीधा हस्तक्षेप नहीं होता है।
-विकास कार्य के लिए पंचायक के पास खुद का फंड होता है।
यह है नुकसान
-सड़कों की स्थिति में बदलाव नहीं आ पाता है।
-पंच परमेश्वर योजना के तहत कम फंड मिलता है।
-गांवों में सफाईकर्मी नहीं होने से गंदगी रहती है।
-गांवों में सड़कों की स्ट्रीट लाइटों का मेंटनेंस नहीं होता है।
- विकास कार्यों के लिए जिला पंचायत के चक्कर लगाना होते हैं।
एक नजर में इटारसी शहर
शहर में वार्ड- ३४
शामिल राजस्व ग्राम-०३
वर्तमान क्षेत्रफल-९१४.९३ हेक्टेयर
शहर से सटे गांवों की स्थिति
गांव- क्षेत्रफल (हेक्टेयर)-जनसंख्या
रेसलपुर- २६४८-३०००
सोनासांवरी-९४8-२०००
पथरोटा-६०२-६२००
मेहरागांव-५७०-६५००
बोरतलाई-८५५-१५००
मास्टर प्लान २०३१ की खास बात
निवेशित क्षेत्र-११९९९ हेक्टेयर
पूर्व में शामिल गांव- १३
इस बार निवेशित गांव-१७
अनुमानित जनसंख्या- 1.५० लाख
फाइनल बैठक करेंगे
शहर के विस्तार और आवश्यकता के लिए गांवों को नपा सीमा में शामिल करना जरुरी है। इस मामले में हम जल्द ही सभी जिम्मेदारों को विश्वास में लेकर सरपंचों के साथ फाइनल बैठक करेंगे। उनकी सहमति भी जरुरी है। यदि वे नहीं मानते हैं तो भी प्रशासन आवश्यकता को देखते हुए उक्त प्रक्रिया को करा सकता है।
अक्षत बुंदेला, सीएमओ इटारसी