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मुखर्जी अस्पताल में वायरल फीवर, उल्टी-दस्त और हीट स्ट्रोक के मरीज आने लगे अधिक

- नौतपा खत्म होने के बाद भी तेज गर्मी और धूप का असर नहीं हुआ कम.

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मुखर्जी अस्पताल में वायरल फीवर, उल्टी-दस्त और हीट स्ट्रोक के मरीज आने लगे अधिक

मुखर्जी अस्पताल में वायरल फीवर, उल्टी-दस्त और हीट स्ट्रोक के मरीज आने लगे अधिक

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इटारसी. नौतपा खत्म होने के बाद भी तेज गर्मी और धूप का कहर अभी कम नहीं हुआ। भले ही देर शाम को मौसम में मामूली सी ठंडक आ जाती हो, पर सुबह से पूरे दिन तक तेज धूप और गर्मी के साथ बढ़ती उमस बीमारियों को बढ़ा रही है।

तहसील के सबसे बड़े पं. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अस्पताल में इन दिनों सरकारी अस्पताल में वायरल फीवर, उल्टी-दस्त और हीट स्ट्रोक के मरीज अधिक आने लगे हैं। ओपीडी में रोज 400 से 550 मरीज विभिन्न बीमारियों के आ रहे हैं। इनमें से बीमार बच्चों की संख्या सबसे अधिक है। इसके अलावा अस्पताल में ज्वाइंडिस और टाइफाइड के मरीज भी आ रहे हैं।

हालांकि पर्याप्त स्टॉफ ना होने के बाद भी मौजूद डॉक्टर उक्त बीमारियों का इलाज अच्छे से करने का प्रयास कर रहे हैं। मुखर्जी अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार ओपीडी में वायरल, उल्टी-दस्त और हीट स्ट्रोक के करीबन 100 से 150 मरीज रोज और 20 से 30 मरीज ज्वाइंडिस और टाइफाइड के भी आ रहे हैं। इसके अलावा अन्य बीमारियों के मरीज शामिल है।

लू लगने से हो रहा स्वास्थ्य खराब

इन बीमारियों का कारण शादी -विवाह, बाहर चौपाटियों- हाथ ठेलों में खानपान करना है, वही धूप में घूमने से भी लू लगने से बच्चों के स्वास्थ्य खराब हो रहा है। पिछले माह लू से प्रभावित 350 से ज्यादा बीमार बच्चे अस्पताल आ चुके हैं। अभी जून के पहले 5 दिनों में ही उल्टी- दस्त के 100 से अधिक बच्चे आ चुके हैं। इस हफ्ते औसतन रोज 20 बच्चे इलाज के लिए आ रहे हैं।

बच्चों के विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक अग्रवाल का इस संबंध में कहना है कि मौसम बदलने का सबसे ज्यादा असर पांच साल से छोटे बच्चों पर जयादा पड़ रहा है। इनकी देखभाल बहुत जरूरी है, क्योंकि वह अपनी बीमारी के संबंध में बोल नहीं पाते हैं। छोटे बच्चों के शरीर में पानी कम होते ही उल्टी-दस्त बुखार होता है। त्वरित चिकित्सा नहीं मिलने पर ये ज्वाइंडिस के शिकार भी हो सकते हैं। इसलिए बच्चों को धूप में लेकर ना जाए। धूप से आने के बाद छोटे बच्चों को एकदम से ठंडे स्थान पर पंखा, कूलर, एसी के सामने ना आने दें। जहां तक संभव हो सकें बच्चों को बाहर का खाना ना खिलाए। पानी को उबालकर ही पिलाएं। घर में भोजन बनाने से पहले सब्जियों को धोकर साफ कर ले। दही और नींबू का अधिकाधिक प्रयोग करें।

मुखर्जी अस्पताल में मौसम के बदलाव से मरीजों की संख्या एकदम से बढ़ी है। खासकर बीमार बच्चों की संख्या अधिक है। ये चिंता का विषय हैं। हम इनका इलाज करने के साथ ही चिकित्सीय सलाह भी दे रहे हैं।

- डॉ. राकेश चौधरी, अधीक्षक, पं. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अस्पताल, इटारसी।

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