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स्पेशल ट्रेनों के कोच में ना पानी, ना सफाई, 30 घंटे का सफर 40 घंटे में कर रहे पूरा

- मुसीबत का सफर : अधिक किराया देकर भी परेशानी झेल रहे यात्री।

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स्पेशल ट्रेनों के कोच में ना पानी, ना सफाई, 30 घंटे का सफर 40 घंटे में कर रहे पूरा

स्पेशल ट्रेनों के कोच में ना पानी, ना सफाई, 30 घंटे का सफर 40 घंटे में कर रहे पूरा

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इटारसी। रेलवे, यात्रियों की सुविधा के लिए स्पेशल ट्रेनें चला रही है। पमरे के इटारसी डिवीजन से लगभग एक दर्जन से अधिक जोड़ी विशेष ट्रेनें चल रही है, जोकि सिंकदराबाद, एलटीटी आदि से इटारसी होकर यूपी- बिहार को जाती है। इसमें रिजर्वेशन तो आसानी से मिल जाता है, पर सफर करने जब यात्री गंतव्य तक जाने बैठता, तो रेलवे को जीभर के कोसने के अलावा उसके पास कोई चारा नहीं होता है।


कहने को रेलवे शून्य नबंर से इन ट्रेनों का संचालन फेस्टीवल स्पेशल के नाम से शुरू किया है। इसमें रेलवे भले ही जितना भी यात्रियों को सुविधाएं देने का दावा करता तो हैं, पर यात्री को कितनी तकलीफें उठानी पड़ती है, वह सफर करने वाला ही बता सकता है।


डेली रूटीन ट्रेनों से अधिक किराया


रेलवे प्रशासन स्पेशल ट्रेनों के नाम से यात्रियों की जेबें हल्की करने पर लगा है। इटारसी से प्रयागराज या सुबेदारगंज जाना हो, या ढेहर का बालाजी जयपुर, किराया अन्य डेली चलने वाली ट्रेनों से 50 फीसदी अधिक यात्री को देना पड़ता है। जैसे इटारसी से सुबेदारगंज का किराया अन्य ट्रेनों में 290 से 315 रुपए, तो विशेष ट्रेन में 390 से 415 रुपए। इसी तरह थर्ड एसी में आमतौर पर किराया े1000 रुपए, तो स्पेशल ट्रेन में 1350 से 1440 रुपए तक का है। इस तरह यात्रियों को अपनी जेबें हल्की करनी पड़ रही है।


गंतव्य तक पहुंचने का समय निर्धारण नहीं


इटारसी से सुबेदारगंज जाने वाले यात्री आरके सिंह ने बताया कि उन्होंने वीकली स्पेशल ट्रेन 04122 में आरक्षण कराया। जिसमें किराया तो अधिक लगा, पर सबसे अधिक अखरा समय का। इटारसी में 12.30 बजे की निर्धारित ट्रेन शाम 6.30 बजे आई, 6.40 बजे चलकर भोपाल रात 11.54 पहुंची। इस तरह दूसरे दिन दोपहर 12.30 बजे सुबेदारगंज पहुंची। रास्ते में उक्त ट्रेन के कई कोचों में पानी नहीं था। टॉयलेट गंदे थे। बीच के बड़े स्टेशनों पर उन्होंने अधिकारियों को शिकायत की, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। वही सिकंदराबाद से सुबेदारगंज जाने वाले इसी ट्रेन में के यात्री बी नायडू ने बताया कि उसे इस ट्रेन में 28 घंटे का निर्धरित सफर 36 घंटे में करना पड़ा। रास्ते में हर छोटे स्टेशनों पर यह ट्रेन घंटों खड़़ी रहती है। इससे धन और समय का काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है।


टॉयलेट गंदे, कोच में नहीं होती सफाई


एलटीटी से बलिया जाने वाले स्पेशल ट्रेन के यात्रियों ने बताया कि 35 घंटे की यात्रा में कोच और टॉयलेट में सफाई नहीं हुई। कोच में पानी नहीं होने से लोगों को टॉयलेट जाने में परेशानी हुई।

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ट्रेनों में बढ़ती भीड़भाड़ को देखते हुए अन्य रेलवे विशेष वीकली ट्रेनें चलाती है। पमरे होकर भी ऐसी कुछ ट्रेनें जा रही है। इसका लाभ पमरे के यात्रियों को मिल रहा है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों के लिए 139 नंबर दिया है। यात्रा के दौरान जो भी असुविधाएं हो, तो यात्री उक्त नंबर पर रेल प्रशासन को सूचित कर समस्या का निराकरण कर सकते हैं।
- सुबेदार सिंह, पीआरओ, पमरे भोपाल।