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श्री झूलेलाल चालीहा व्रत २२ से, रोज होगी आरती पल्लव प्रार्थना

श्री झूलेलाल चालीहा व्रत २२ से, रोज होगी आरती पल्लव प्रार्थना

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Shri Jhulelal Chaliha fast from 22nd, Aarti Pallav prayer will be done daily

श्री झूलेलाल चालीहा व्रत २२ से, रोज होगी आरती पल्लव प्रार्थना

भगवान श्री चालीहा व्रत महोत्सव 22 जुलाई सोमवार से प्रारंभ हो रहा है।

इटारसी. भगवान श्री चालीहा व्रत महोत्सव 22 जुलाई सोमवार से प्रारंभ हो रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 8.30 बजे से अखंड ज्योत पूजन एव भगवान श्री झूलेलाल जी की आरती से प्रारंभ होगा। विश्व कल्याण की कामना की प्रार्थना की जाएगी। चालीहा व्रत का समापन 1 सितम्बर रविवार को गुजरात भरूच के ठकुर साईं मनीष लाल के सानिध्य में धूमधाम से किया जाएगा। रोजाना कार्यक्रम सुबह 8.30 एवं रात्रि 9.30 बजे आरती पल्लव प्रार्थना होगी। आप सभी समस्त भक्तगण सादर आमंत्रित है।
सिंधी समाज के गोपाल सिद्धवानी ने बताया कि भगवान श्री झूलेलाल चालीहा व्रत का 26 वां वार्षिक महोत्सव इटारसी के सिंधी कॉलोनी स्थित श्री झूलेलाल मंदिर में मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 1999 में छोटे से रूप में जयंती समारोह प्रारंभ किया गया था। यह चालीहा महोत्सव आज भव्य रूप ले चुका है। अनेक शहरों से भक्त लोग आकर यह व्रत रखते हैं। आरती में शामिल होते हैं। यह चालीहा व्रत मनोकामना पूर्ण व्रत कहलाता है। चालीहा व्रत में सात्विक जीवन जीना होता है। जमीन पर सोना होता है, बाल दाढ़ी नाखून नहीं काटने होते हैं, दूध या दूध से बनी हुई चीज नहीं खानी होती है। लहसुन प्याज का उपयोग नहीं किया जाता है।

इटारसी. भगवान श्री चालीहा व्रत महोत्सव 22 जुलाई सोमवार से प्रारंभ हो रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 8.30 बजे से अखंड ज्योत पूजन एव भगवान श्री झूलेलाल जी की आरती से प्रारंभ होगा। विश्व कल्याण की कामना की प्रार्थना की जाएगी। चालीहा व्रत का समापन 1 सितम्बर रविवार को गुजरात भरूच के ठकुर साईं मनीष लाल के सानिध्य में धूमधाम से किया जाएगा। रोजाना कार्यक्रम सुबह 8.30 एवं रात्रि 9.30 बजे आरती पल्लव प्रार्थना होगी। आप सभी समस्त भक्तगण सादर आमंत्रित है।
सिंधी समाज के गोपाल सिद्धवानी ने बताया कि भगवान श्री झूलेलाल चालीहा व्रत का 26 वां वार्षिक महोत्सव इटारसी के सिंधी कॉलोनी स्थित श्री झूलेलाल मंदिर में मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 1999 में छोटे से रूप में जयंती समारोह प्रारंभ किया गया था। यह चालीहा महोत्सव आज भव्य रूप ले चुका है। अनेक शहरों से भक्त लोग आकर यह व्रत रखते हैं। आरती में शामिल होते हैं। यह चालीहा व्रत मनोकामना पूर्ण व्रत कहलाता है। चालीहा व्रत में सात्विक जीवन जीना होता है। जमीन पर सोना होता है, बाल दाढ़ी नाखून नहीं काटने होते हैं, दूध या दूध से बनी हुई चीज नहीं खानी होती है। लहसुन प्याज का उपयोग नहीं किया जाता है।

इटारसी. भगवान श्री चालीहा व्रत महोत्सव 22 जुलाई सोमवार से प्रारंभ हो रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 8.30 बजे से अखंड ज्योत पूजन एव भगवान श्री झूलेलाल जी की आरती से प्रारंभ होगा। विश्व कल्याण की कामना की प्रार्थना की जाएगी। चालीहा व्रत का समापन 1 सितम्बर रविवार को गुजरात भरूच के ठकुर साईं मनीष लाल के सानिध्य में धूमधाम से किया जाएगा। रोजाना कार्यक्रम सुबह 8.30 एवं रात्रि 9.30 बजे आरती पल्लव प्रार्थना होगी। आप सभी समस्त भक्तगण सादर आमंत्रित है।
सिंधी समाज के गोपाल सिद्धवानी ने बताया कि भगवान श्री झूलेलाल चालीहा व्रत का 26 वां वार्षिक महोत्सव इटारसी के सिंधी कॉलोनी स्थित श्री झूलेलाल मंदिर में मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 1999 में छोटे से रूप में जयंती समारोह प्रारंभ किया गया था। यह चालीहा महोत्सव आज भव्य रूप ले चुका है। अनेक शहरों से भक्त लोग आकर यह व्रत रखते हैं। आरती में शामिल होते हैं। यह चालीहा व्रत मनोकामना पूर्ण व्रत कहलाता है। चालीहा व्रत में सात्विक जीवन जीना होता है। जमीन पर सोना होता है, बाल दाढ़ी नाखून नहीं काटने होते हैं, दूध या दूध से बनी हुई चीज नहीं खानी होती है। लहसुन प्याज का उपयोग नहीं किया जाता है।