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इटारसी से विजयवाड़ा के बीच बनेगा पमरे का पहला 975 किमी लंबा डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर

रेलवे: मालगाड़ियों से माल परिवहन में तेजी लाने की कवायद, कॉरपोरेशन ने किया सर्वे, तीसरी के बाद चौथी लाइन भी बनेगी, इटारसी तहसील के 9 और बैतूल के 88 गांवों से होकर गुजरेंगी मालगाड़ियां.

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इटारसी से विजयवाड़ा के बीच बनेगा पमरे का पहला 975 किमी लंबा डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर

इटारसी से विजयवाड़ा के बीच बनेगा पमरे का पहला 975 किमी लंबा डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर

वेंकट विजय

इटारसी. भारतीय रेलवे ने उत्तर से दक्षिण के बीच माल परिवहन में तेजी लाने के लिए इटारसी से विजयवाड़ा के बीच 975 किमी लंबे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनाने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। कॉरीडोर में अप-डाउन के लिए तीसरी और चौथी रेल लाइन अलग से डालने की योजना है। इन लाइनों पर केवल मालगाड़ी चलाई जाएंगी। इसके लिए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया दिल्ली ने सर्वे कर इटारसी के 9 और बैतूल के 88 गांवों को चिन्हित किया है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार गुड्स ट्रेनों से एक प्रदेश से दूसरे प्रदेश में सामग्री का तेजी से परिवहन करने के लिए भारतीय रेलवे ने इसी साल बजट में कॉरिडोर परियोजना को मंजूरी दी थी। गौरतलब है कि भोपाल सहित पश्चिम मध्य रेलवे में वर्तमान में एक भी कॉरिडोर नहीं है। इस कारण वर्तमान में रेलवे लाइनों पर ही मालगाड़ी ट्रेनों को चलाया जाता है।

अधिकारियों के मुताबिक मालगाड़ी के परिचालन के लिए स्वतंत्र रेल लाइनों को फ्रेट कॉरिडोर कहते हैं। गुड्स ट्रेनों को चलाने रेलवे अलग लाइन बिछाएगा, यानी अभी की दो लाइनों के अलावा दो अलग रेल लाइन डाली जाएंगी, जिससे मालगाड़ियों को चलाने अलग से समय सारणी बनेगी। इससे एक शहर से बुक कराया गया माल दूसरे शहर में तय समय पर पहुंच जाएगा।

कॉरीडोर में आएंगे ये बड़े स्टेशन

रेलवे के इस कॉरिडोर में इटारसी, बैतूल, आमला, नागपुर, नरखेड़, वल्लारशाह, चंद्रपुर, रामगुडंम, सिरपुर कागजनगर, वारंगल, खम्मम, विजयवाड़ा बड़े स्टेशन आएंगे।

कंपनी ने सर्वे के लिए ली थी अनुमति

डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के महाप्रबंधक अजय कुमार ने बताया कि 19 मई को संबंधित जिलों के कलेक्टर से सर्वे कराने की अनुमति मांगी थी। हमें बैतूल और इटारसी के उन गांवों की सूची भी दी थी, जहां सामाजिक आर्थिक प्रभाव का आकलन और आधारभूत अध्ययन किया जाना है। अनुमति मिलने के बाद राजस्व अमले के सहयोग से डिजीटल सर्वे पूरा कर लिया है। कॉरिडोर की सीमा में आ रहे गांवों के किसानों की भूमि अधिग्रहण का काम राज्य सरकार और जिलों के राजस्व विभाग के माध्यम से किया जाएगा.

डिजीटल सर्वे किया

रेलवे ने इटारसी से विजयवाड़ा के बीच 975 किमी लंबा उत्तर-दक्षिण डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनाने इटारसी तहसील और बैतूल जिले में आने वाले गांवों का डिजीटल सर्वे पूरा कर लिया है। अब भूमि अधिग्रहण के लिए आगे की प्रक्रिया जल्दी शुरू करेंगे।

- कार्तिकेय, इंचार्ज फील्ड ऑपरेशन, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, दिल्ली