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परेशानी : पुरानी इटारसी में बाढ़ की वजह रेलवे का वाशिंग साइडिंग, 10 फीट चौड़ा नाला हो गया संकरा

- रेलवे की वाशिंग साइडिंग की लंबाई बढ़ने से नाला संकरा, पानी निकासी में समस्या, चौड़ा नाला हुआ संकरा, इससे बारिश में जलभराव की स्थिति आ जाती है।

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परेशानी : बारिश में पुरानी इटारसी में बाढ़ की रेलवे का वाशिंग साइडिंग, 10 फीट चौड़ा नाला हो गया संकरा

परेशानी : बारिश में पुरानी इटारसी में बाढ़ की रेलवे का वाशिंग साइडिंग, 10 फीट चौड़ा नाला हो गया संकरा

इटारसी. पिछले कुछ वर्षो में पुरानी इटारसी में बाढ़ की समस्या बढ़ गई है। इस असली जड़ की ओर ना तो नगरपालिका का ध्यान गया है और ना ही रेलवे के अधिकारियों ने कभी इस ओर ध्यान दिया। दरअसल वाशिंग साइडिंग की लंबाई बढ़ाकर पानी बहने के जिस रास्ते को संकरा कर दिया, उस मार्ग से रेलवे क्षेत्र और पुरानी इटारसी दोनों के पानी निकासी का रास्ता है। पत्रिका टीम को रहवासियों ने बाढ़ की समस्या की असली वजह वाशिंग साइडिंग का संकरा करना बताया।

इस साइडिंग के लगे नाले में वार्ड 2 स्थित शिवराजपुरी कॉलोनी, कृष्णा विहार कॉलोनी से तीन बंगला, सूखा सरोवर के अलावा बजाज शो रूम के सामने से ओवरब्रिज के नीचे राम मंदिर होते हुए पुरानी इटारसी वाले हिस्से से बारिश का पानी आता है, वह रेलवे अस्पताल के सामने बने नाले में होकर इस नाले में आता है।

बारिश में पुरानी इटारसी में बाढ़ की एक वजह रेलवे का वाशिंग साइडिंग है। पांच साल पहले रेलवे ने इसकी लंबाई बढ़ा दी थी। इससे पानी निकासी के रास्ते को संकरा कर दिया, जिससे पुरानी इटारसी की बारिश का पानी निकलता था।

इस वर्ष हो सकती है भयावह स्थिति

यदि इस साल इंद्रदेव मेहरबान रहे, तो पुरानी इटारसी वासियों को फिर भयावह बाढ़ का सामना करने को तैयार रहना होगा। खासकर सूखा सरोवर पर स्कूल के सामने मैदान पर स्टेडियम बनने जा रहा है। दूसरे रेलवे अस्पताल के सामने ऊंची सीसी रोड बन गई है। पहले इन दोनो जगहों पर बारिश का पानी फैल जाता था और उतनी तेजी से इदरउधर बह जाता था। जिससे बाढ़ की स्थिति नहीं बनती थी लेकिन इस बार निर्माण कार्य से दोनों जगहों से पानी नहीं निकल पाएगा। जिससे बाढ़ की स्थिति बनेगी। इसलिए नागरिकों को बारिश में ही सर्तक हो जाना चाहिए।
राम मंदिर क्षेत्र में जमा होता है

आगे नाला बूस्टर पंप के सामने से होते हुए बंगलिया के नाले से मिलते हुए अवाम नगर से होते हुए निकलता है। बूस्टर पंप के पिछले हिस्से में रेलवे की वाशिंग साइडिंग है, जहां कोच की धुलाई होती है। पहले साइडिंग की लंबाई ओवर ब्रिज के नीचे तक थी। रेलवे ने करीब पांच वर्ष पूर्व वाशिंग साइडिंग की लंबाई बढ़ा दी और इसे बंगलिया नाले के सामने तक जोड़ दिया। इससे यह हुआ कि पहले जो नाला 10 फीट का था वह संकरा होकर पांच फीट का रह गया। बारिश के पानी की निकलने की रफ्तार धीमी हो गई और बैकवाटर सूखा सरोवर और राम मंदिर क्षेत्र में जमा होता है।
इस क्षेत्र के रहवासी होते हैं प्रभावित

हर साल क्षेत्र में बाढ़ आती जाती है। इससे राम मंदिर के आसपास के निवासी, सूखा सरोवर, तीन बंगला, शिवराजपुरी और कृष्णा विहार कालोनी तथारेलवे अस्पताल के सामने रहने वाले लोग प्रभावित होते है।
इस संबंध में हमने रेलवे को पत्र लिखा है कि वे नाला चौडी करें, जिससे जलभराव ना हो पाए और पानी बाहर निकले जाएं। इस नाले पर जंगली पेड़ों को भी हटवाएं और नाले की सफाई करवाएं।

पंकज चौरे, अध्यक्ष, नपा, इटारसी