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20-20 रुपए में खुलेआम महिलाएं बेच रही गांजा, डेरों में पहुंच गई पुलिस

महिलाएं 20 और 50 रुपए की पुड़िया ग्रहाकों को धड़ल्ले से बेच रही हैं। इस कारण युवा से लेकर बड़े लोग तक हर कोई नशे की चपेट में आ रहा है.

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इटारसी. महिलाओं द्वारा खुले आम घर की खिडक़ी और दरवाजों के पास बैठकर गांजा बेचा जा रहा है, ये महिलाएं 20 और 50 रुपए की पुड़िया ग्रहाकों को धड़ल्ले से बेच रही हैं। इस कारण युवा से लेकर बड़े लोग तक हर कोई नशे की चपेट में आ रहा है, जिले में नशे की लत लोगों में बढ़ती जा रही है, इसी के चलते पत्रिका द्वारा एक दिन पहले स्टिंग किया गया, खबर प्रकाशित होते ही पुलिस हरकत में आई और ईरानी डेरों में दबिश देने पहुंच गई, यहां नशे का करोबार करने वालों को सख्त चेतावनी दी गई है।

ये था पूरा मामला

शहर में इन दिनों खुलेआम 'नशा' बेचा जा रहा है। घरों की खिड़की और कुर्सियों पर ठाठ से बैठे महिला-पुरुषों के सामने नोट बढ़ाते ही कागज और पॉलीथिन की पैकिंग में आसानी से अलग-अलग क्वांटिटी में 'गांजा' मिल जाता है। 'पत्रिका' ने शहर के सब्जी बाजार से सटे ईरानी डेरा पहुंचकर मामले का स्टिंग किया। मौके पर जाकर पड़ताल की तो खुलेआम, बेरोकटोक नशा बेचने के कारोबार का खुलासा हुआ।

गांजा बेचने वाले इतने बेखौफ हैं कि उन्हें किसी का डर नहीं। बैग और कपड़ों के भीतर गांजे की पुड़िया छिपाकर आराम से बेच रहे हैं। सब्जी बाजार, तालाब के आसपास और मछली बाजार से सटे इलाकों में ये घूम-घूमकर भी गांजे की पुड़िया बेच रहे हैं। नशे की लत के शिकार बाकायदा इनके अड्ड़ों पर पहुंचकर आसानी से गांजे की पुड़िया खरीद रहे हैं। नियमित आने वालों को नशे के ये सौदागर पहचानते हैं, और आते ही पुड़िया थमा देते हैं।

लूटने की बात नहीं है, माल महंगा हो गया है...

ग्राहक : बीस वाला देना एक।

विक्रेता : बीस वाला खिड़की पर मिलेगा। अंदर जाओ बेटा।

(खिड़की से कागज की पुड़िया में बीस रुपए वाला गांजे की पुड़िया, लेकर फिर महिला के पास ग्राहक खड़ा हो गया।)

विक्रेता : क्या हुआ फिर आ गए। मिला नहीं क्या?

ग्राहक : तुम तो पचास वाला दे दो।

(नोट बढ़ाते ही... महिला ने अपने पास रखी थैली से पॉलीथिन में पैक गांजे की पुड़ियां थमा दी।)

ग्राहक : बीस वाला दे देना एक।

विक्रेता : बीस वाला अंदर से मिलेगा, वहां जाओ।

ग्राहक : बीस वाला देना बंद कर दिया क्या तुम लोगों ने, लूटोगे क्या हमको।

विक्रेता : लूटने का बात नहीं है। माल महंगा हो गया। हम पचास वाला दें।

ग्राहक : बीस का आधा दे दो।

विक्रेता : आधा नहीं देते। वो अलग सा माल है।

ग्राहक : तो अलग वाला दे दो।

विक्रेता : अरे जा ना बाबा।

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