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यहां भगवान के साथ पूजे जाते हैं देश पर मिटने वाले दीवाने

पूड़ी लाइन में शिव मंदिर

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Puri line, freedom fighters, Shiv Mandir, Rani of Jhansi, Maharana Pratap, Mahatma Gandhi, Subhash Chandra Bose, Chandrashekhar Azad, Bhagat Singh, Tatyotepe, Lokmanya Bal Gangadhar Tilak itarsi

Puri line, freedom fighters, Shiv Mandir, Rani of Jhansi, Maharana Pratap, Mahatma Gandhi, Subhash Chandra Bose, Chandrashekhar Azad, Bhagat Singh, Tatyotepe, Lokmanya Bal Gangadhar Tilak

इटारसी. शहर के स्टेशन के पास ही पूड़ी लाइन में एक ऐसा मंदिर हैं जहां भगवान के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की भी पूजा होती है। भगवान शिव के इस अनोखे मंदिर में मंदिर के गर्भ ग्रह और बाहरी हिस्से में स्थापित वीर शहीदों की प्रतिमाएं भी है।

देश में अपना सर्वास्व समर्पित करने वाले स्वतंत्रता सेनानी और भारतवर्ष के महान संत, ऋषि भी इस मंदिर में पूजे जाते हैं। यहां आने वाले भक्त शिव के साथ स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में भी श्रद्धा से मस्तक झुकाते हैं। यहां शिवमंदिर में महाशिवरात्रि तो गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस भी उतनी ही श्रद्धा से मनाया जाता है।

पुजारी बताते है कि मंदिर में राष्ट्रीय पर्वों पर तत्कालीन सांसद विष्णु कामथ ध्वजारोहण करते थे। मंदिर में बनी कलाकृतियां अद्वितीय हैं। स्तंभों पर नाग कन्याएं हाथ जोड़कर भगवान शिव की सेवा करती नजर आ रही हैं। मंदिर के बाहरी हिस्से में झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, महाराणा प्रताप, गुरूगोविंद सिंह व रथ के प्रवेश द्वार पर गोस्वामी तुलसीदास, मीराबाई, तुकाराम, सक्कूबाई व गौतम बुद्ध की प्रतिमा विराजमान है।

यह है इतिहास
वर्ष 1947 में हरि भोले द्वारा संत हरिराम महाराज की प्रेरणा से मंदिर का निर्माण करवाया गया था। हीरालाल पेंटर, भैयालाल पेंटर ने मंदिर में रंग रोगन और कलाकृतियां बनाई थीं। इस मंदिर का आकार विमान के सामान है। 10 गुना 40 वर्गफिट के मंदिर में 108 मूर्तियां हैं जिनमें महात्मा गांधी, सुभाषचंद्र बोस, चंद्रशेखर आजाद, भगतसिंह, तात्याटोपे, लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के साथ ही मीराबाई, संत तुकराम, गुरूगोविंद सिंह, महाराणा प्रताप, झांसी की रानी, गौतम बुद्ध, तुलसीदास,कबीरदास व राष्ट्रध्वज तिरंगा भी बना है। इस मंदिर को जोगेश्वर मंदिर भी कहा जाता है।