जबलपुर

डॉग हाउस में 04 की जगह, 18 सर्जरी का दावा

सर्जरी के बाद चार दिन पोस्ट केयर, जगह बदलने से हो रहे खूंखार

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Aug 13, 2022
नगर निगम के कठौंदा स्थित डॉग हाउस में बधियाकरण करने के बाद पोस्टकेयर के लिए चार डॉग को ही भर्ती करने की जगह है, लेकिन उसके बाद भी रोजाना करीब 18 ऑपरेशन किए जाने का दावा किया जा रहा है।

नगर निगम के कठौंदा स्थित डॉग हाउस में बधियाकरण करने के बाद पोस्टकेयर के लिए चार डॉग को ही भर्ती करने की जगह है, लेकिन उसके बाद भी रोजाना करीब 18 ऑपरेशन किए जाने का दावा किया जा रहा है। उधर, यह भी सामने आ रहा है, जिसमें बधियाकरण के बाद डॉग्स को उनके स्थान पर न छोडकऱ केन्द्र से कुछ ही दूरी पर छोड़ दिया जाता है। जानकार कहते हैं कि जगह बदलने की वजह से ये डॉग्स खूंखार हो रहे हैं।

जबलपुर. आवारा घूमने वाले कुत्तों का बधियाकरण संजीवनीनगर पुल के नीचे किया जाता था। कॉलोनी क्षेत्र होने की वजह से ऑपरेशन के बाद ये डॉग कॉलोनी में घूमते रहते थे, जिससे लोग परेशान हो चुके थे। कठौंदा बनने साथ ही डॉग एवं पिग हाउस बना दिया गया है, इसमें डॉग का बधियाकरण भी किया जा रहा है।सर्जरी कर रहे कम्पाउंडर जानकार कहते हैं कि डॉग हाउस में डॉक्टर मौजूद रहते हैं लेकिन सारा कार्य कम्पाउंडर ही कर रहे हैं।

परिसर में घूमते हैं डॉग

4 डॉग रखने की जगह होने की वजह से ये डॉग केन्द्र के परिसर में घूमते रहते हैं। ऑपरेशन के बाद इन्हें पोस्टकेयर देने में खानापूर्ति बरती जा रही है।

18 सर्जरी की जाती है...

कठौंदा के डॉग केन्द्र में रोजाना 18 सर्जरी किए जाने का दावा जिम्मेदार कर रहे हैं। सर्जरी के बाद इन्हें पोस्टकेयर देकर उनके स्थान पर छोड़ दिया जाता है।

तो फिर कहां से कॉलोनी में आ गए डॉग्स

निगम के जिम्मेदार भले ही सर्जरी के बाद डॉग्स को उनके स्थान पर छोडऩे का दावा कर रहे हैं लेकिन हकीकत यह है कि सर्जरी के बाद इन डॉग्स को केन्द्र के समीप छोड़ दिया जा रहा है, जिससे ग्रीन सिटी कॉलोनी में इनकी संख्या बढ़ती जा रही है।

ये है नियम

डॉग को बधियाकरण के बाद चार दिन पोस्टकेयर देना।

पोस्टकेयर ट्रीटमेंट में डॉग सेल में ही रखे जाएंगे डॉग्स।

चार दिन के बाद उनके स्थान पर डॉग्स को छोडऩा।

एक्सपर्ट का कहना-

डॉग प्रेमी अभिनव सक्सेना का कहना है कि डॉग्स के साथ सहानुभूति रखना बहुत जरूरी है। स्ट्रीट डॉग्स के साथ मूलत: यह नहीं हो पाता है, जिससे ये भोजन के अभाव और तिरस्कार से खूंखार हो जाते हैं। बधियाकरण के बाद इनमें कमजोरी आती है और ये लोगों पर हमला करने लगते हैं।

केन्द्र में पोस्टकेयर की व्यवस्था बनाई गई है। माह में करीब छह सौ सर्जरी हो रही है। इन्हें उनके ही स्थान पर छोड़ा जा रहा है।

भूपेन्द्र सिंह, स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम

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