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100 साल पुरानी डायमंड क्रासिंग अब नहीं दिखेगी, रेलवे ने किया ये काम – देखें वीडियो

कटनी स्टेशन पर ट्रेनों को खड़ा कर इलेक्ट्रिक इंजन लगाया जाता है

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Myths and Facts about the Nagpur Diamond Crossing

Myths and Facts about the Nagpur Diamond Crossing

कटनी। मुड़वारा स्टेशन में आज 7 घंटे का मेगा ब्लॉक लिया गया है इसके कारण कोटा जबलपुर और अजमेर जबलपुर दोनों ही ट्रेन कटनी रेलवे स्टेशन नहीं गई बल्कि इन्हें मुड़वारा से सीधे साउथ स्टेशन से होकर निकाला गया ब्लॉक के अंतर्गत चल रहे कार्य को देखने खुद डीआरएम डॉ मनोज कुमार भी मौके पर मौजूद रहे कर्मचारियों के साथ ट्रैक पर वे भी निरीक्षण कर रहे हैं इसके अलावा उन्होंने मुड़वारा स्टेशन में यात्री प्रतीक्षालय एस्केलेटर लिफ्ट लगाने के लिए स्थल चयन को लेकर स्थानीय स्थलों पर चर्चा की।

डीआरएम ने बताया कि ब्लॉक के अंतर्गत मुड़वारा स्टेशन यार्ड की करीब 100 साल पुरानी डायमंड क्रासिंग को बदला जा रहा है। इस पुरानी क्रासिंग के चलते अभी तक इस लाइन पर ट्रेन मात्र 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के कॉशनआर्डर पर निकलती थी लेकिन नई क्रॉसिंग डालने के बाद अब ट्रेन को तेज रफ्तार से भी निकाला जा सकेगा। यार्ड रिमॉडलिंग प्रोजेक्ट के तहत यह कार्य कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जबलपुर से कटनी के बीच रेल विद्युतीकरण का कार्य अप्रैल माह तक पूरा किए जाने की समय सीमा तय की गई है। अप्रैल के बाद से दिल्ली की ओर जाने वाली सभी ट्रेन जबलपुर से कटनी स्टेशन जाने की बजाए कोर्ड लाइन से होकर मुड़वारा स्टेशन आएंगी, इससे इन ट्रेनों का करीब 20 मिनट का समय बचेगा। क्योंकि कटनी स्टेशन पर ट्रेनों को खड़ा कर इलेक्ट्रिक इंजन लगाया जाता है।

क्या है डायमंड क्रॉसिंग
दरअसल अप और डाऊन ट्रैक की दोनों पटरियां किसी एक स्थान पर दो अन्य अप और डाऊन ट्रैक को क्रॉस करती हैं, वहां प्लस का निशान बन जाता है, जिसे रेलवे की परिभाषा में डायमंड क्रॉसिंग कहा जाता है। यहां से ट्रेनों को निकलने में थोड़ी परेशानी जरूर होती है, लेकिन ये काम भी करता है। हालांकि रेलवे अब इन्हें खत्म करता जा रहा है, ताकि ट्रेनों को कॉशन पर न निकालना पड़े। इसी क्रम में कटनी की १०० साल पुरानी डायमंड क्रॉसिंग को हटाया जा रहा है।