
Vishnu Varaha temple
Vishnu Varaha temple : जिले की मझौली तहसील पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सोमवार को 11 वीं शदी में बने विष्णु वराह मंदिर में दर्शन किए। उन्होंने इसे अद्भुत बताते हुए बेहतर तरीके से संरक्षित करने पर जोर दिया। भगवान विष्णु के वराह अवतार वाली प्रतिमा में लाखों देवी-देवता विराजमान हैं। यह 12 फीट लंबी, चार फीट चौड़ी और आठ फीट ऊंची है। उनके साथ प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन एवं धार्मिक न्यास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी, विधायक अजय विश्नोई और सांसद आशीष दुबे ने दर्शन किए।
जिला मुख्यालय जबलपुर से 45 किलोमीटर दूर मझौली स्थित विष्णु वराह मंदिर का निर्माण 11 वीं शती में किया गया था। कालांतर में ध्वस्त हुए कल्चुरी कालीन इस मंदिर का 18 वीं शती में पुनर्निर्माण किया गया। इस मंदिर में स्थापित भगवान विष्णु वराह की प्रतिमा विश्व की सबसे बड़ी और एकमात्र ऐसी प्रतिमा है जिसकी पूजा होती है। इस विशाल प्रतिमा को भी 11 वीं शदी में मंदिर के गर्भ गृह में स्थापित किया गया था।
मंदिर कला की दृष्टि से भी उत्कृष्ट है और राज्य सरंक्षित स्मारकों में शामिल है। इस अवसर पर नगर वासियों ने मझौली का नाम बदलकर श्री विष्णु वराह नगरी एवं पर्यटन स्थल की घोषणा की मांग की। उन्होंने इस विषय पर ध्यान देने का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री शाम को हेलीकॉप्टर से मझौली पहुंचे। उन्होंने यहां विष्णु वराह मंदिर में पूजा अर्चना की तथा प्रदेश वासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। डॉ. यादव मझौली रोड स्थित रिंवझा ग्राम में चल प्रसिद्ध कथावाचक अनिरुद्धाचार्य द्वारा कराए जा रहे श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ एवं श्रीमद् भागवत कथा में शामिल हुए। बारिश के कारण पाटन में चल रही कथा में शामिल होने का कार्यक्रम निरस्त हो गया। मझौली स्थित खेल मैदान में बने अस्थाई हेलीपेड पर मंत्री और विधायक के साथ ही भाजपा के जिला ग्रामीण अध्यक्ष राजकुमार पटेल ने उनका स्वागत किया।
Updated on:
06 May 2025 11:32 am
Published on:
06 May 2025 11:31 am
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