15 शिक्षकों की अनुकरणीय पहल, बच्चों को किया सरकारी स्कूलों में दाखिल

- प्राइवेट स्कूल की पढ़ाई से नहीं थे संतुष्ट, बिना पढ़ाई वसूल रहे थे ट्यूशन फ़ीस, अपने बच्चों को प्रवेश दिलाने के लिए जनशिक्षाकेंद्र पहुंचे शिक्षक एवं केंद्र अधिकारी

By: govind thakre

Updated: 31 Jul 2020, 08:18 PM IST

जबलपुर. निजी स्कूल की पढ़ाई से असंतुष्ट जिले के बघराजी जनशिक्षा केंद्र के शिक्षकों ने अनुकरणीय पहल की है। 15 शिक्षकों ने अपने बच्चों का नाम निजी स्कूलों से कटवाया और घर के पास के सरकारी स्कूलों में दाखिले के लिए आवेदन दिया है। उन्हें बिना पढ़ाई ट्यूशन फ़ीस वसूली के रवैये पर भी नाराजगी थी.
क्षेत्र में करीब एक दर्जन प्राइवेट स्कूल हैं। वर्तमान में कोरोना संकट के चलते बंद हैं। प्राइवेट स्कूल बिना पढ़ाई के अभिभावकों से ट्यूशन फीस वसूल रहे हैं। इसके बाद भी बच्चों का शैक्षणिक स्तर अपेक्षा अनुरूप नहीं है। इसे लेकर शिक्षकों में नाराजगी थी। विकासखंड के बीआरसी सीएल बागरी एवं उनकी टीम अभिभावकों और शिक्षकों के बीच जाकर शिक्षा विभाग की विभिन्न मोड पर संचालित की जा रही पढ़ाई की बात रखी। इससे भी शिक्षकों और अभिभावक प्रेरित हुए. कुछ अभिभावकों ने भी बच्चों को प्राइवेट स्कूलों से निकालकर सरकारी स्कूलों में आवेदन दिया। इनमें ज्यादातर बच्चे प्राथमिक और मिडिल स्कूल के हैं.

शिक्षकों की हो रही प्रशंसा
जनशिक्षा केंद्र पहुंचकर शिक्षकों ने अपने-अपने बच्चों के नाम शासकीय विद्यालयों में दर्ज कराते हुए उनसे जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत किए। इस पहल के लिए क्षेत्र में शिक्षकों की प्रशंसा हो रही है। शिक्षक असलम खान, राजीव पाठक, मनोज पाटकर, विजया पाठक, राजेश साहू, विनिषा साहू, रीना गुबरैले, एसके साहू, सौहद्रा विश्वकर्मा, प्रीति विश्वकर्मा, सतीश बागरी, नरेंद्र नामदेव, संदीप साहू, नरेंद्र माझी सहित आदर्श साहू, ज्योति दीक्षित, निशा साहू ने अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिले के लिए आवेदन दिया है। ये प्रायमरी स्कूल बालक बघराजी, प्राइमरी स्कूल गांधी नगर, प्राइमरी स्कूल देवरी, प्राइमरी स्कूल बघराजी, मिडिल स्कूल बघराजी, प्राथमिक शाला घघियाटोला, प्राइमरी इंदिरा आवास शाला के साथ ही जनशिक्षक भी शामिल हैं। वर्जन
स्कूलों में कोरोना संक्रमण के बीच हम बेहतर पढ़ाई करा रहे हैं। इसी का नतीजा है कि शिक्षक ही नहीं कई अभिभावकों ने प्रेरित होकर बच्चों के नाम प्राइवेट स्कूल से कटवाकर सरकारी स्कूलों में प्रवेश लिया है। शिक्षकों ने जनशिक्षा केंद्र में आवेदन दिया है। सभी का निकट के सरकारी स्कूल में दाखिला कराया जा रहा है।
-सीएल बागरी, बीआरसीसी जिला शिक्षा केंद्र

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govind thakre Editorial Incharge
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