
panchang aaj ka hindi
जबलपुर। शुभ विक्रम संवत् : 2075, संवत्सर का नाम : विरोधकृत्, शाके संवत् : 1940, हिजरी संवत् : 1440, मु.मास: ज: उलाव्वल: 12. अयन : उत्तरायण. ऋतु : शिशिर, मास : पौष, पक्ष : शुक्ल
तिथि - दोपहर 3.20 तक जया तिथि त्रयोदशी उपरंात रिक्ता तिथि चतुर्दशी रहेगी। जया तिथि मे सभी प्रकार के मांगलिक कार्य संपन्न किये जा सकते है, इस तिथि मे गायन वादन, पुंसवन, चित्रकला, संगीत, नृत्यकला, वांस्तु, विवाह, अभिनय कला,तथा धन संचय से जुड़े कार्य संपादित करना अत्यंत शुभ तथा मंगलकारी माना जाता है।
योग- शाम 5.22 तक ऐन्द्र उपरंात वैधृति योग रहेगा दोनो ही नैसर्गिक योग शुभ तथा मंगलकारी है।
विशिष्ट योग- शनि रिक्ता तिथि के साथ आज किसी भी प्रकार का मांगलिक कार्य का शुभ मुहूर्त नही रहेगा।
करण- सूर्योदय काल से तैतिल उपरंात वणिज तदनंतर गर करण का प्रवेश होगा। करण गणना सामान्य है।
नक्षत्र- मृदुसंज्ञक तिर्यडमुख नक्षत्र मृगशिरा प्रात: 8.23 तक उपरंात दारूणसंज्ञक नक्षत्र आद्र्रा रहेगा। मृगशिरा नक्षत्र मे तीर्थयात्रा, गृहारंभ,पौधारोपण, बीजबपन, गृहप्र्रवेश,ग्रहशंाति,बागबगीचा, शिल्पकारी, जैेसे कार्य शुभ माने जाते है,वही आद्र्रा नक्षत्र मे सभी प्रकार के शुभ तथा मंागलिक कार्य संपन्न किये जा सकते है।
शुभ मुहूर्त - आज भद्राव्याप्त रिक्ता तिथि है इस कारण किसाी भी मांगलिक कार्य का मुहूर्त नही है,आज के दिन कर्जनिपटारा, शिल्प विद्या, पत्रलेखन, हेतु दिन शुभ रहेगा।
श्रेष्ठ चौघडि़ए - आज प्रात: 7.30 से 9.00 शुभ दोपहर 1.30 से 4.30 लाभ,अमृत तथा रात्रि 9.00 से 10.30 वजे तक शुभ की चौघडिय़ा शुभ सुखद तथा मंगलकारी है।
व्रतोत्सव- आज : शनि भद्रा युक्त रिक्ता तिथि के कारण शनि पूजन, तथा श्री हनुमत आराधना हेतु उत्तम योग रहेगा।
चन्द्रमा : दिवस रात्रि पर्यंत तक बुध प्रधान राशि मिथुन राशि मे संचरण करेगा।
ग्रह राशि नक्षत्र परिवर्तन: सूर्य के मकर राशि मे गुरू वृश्चिक राशि मे तथा शनि धनु राशि के साथ सभी ग्रह यथा राशि पर ििस्थत है सूर्य का उत्तराषाढ़़ नक्षत्र मे संचरणरहेगा ।
दिशाशूल: आज का दिशाशूल पूर्व दिशा मे रहता है इस दिशा की ब्यापारिक यात्रा को यथा संभव टालना हितकर है । चंद्रमा का वास पश्चिम दिशा मे है सन्मुख एवं दाहिना चंद्रमा शुभ माना जाता है ।
राहुकाल: 9.00.00 वजे से 10.30.00 वजे तक ।(शुभ कार्य के लिए वर्जित)
आज जन्म लेने वाले बच्चे - आज जन्मे वालको का नामाक्षर के,वो,का,,की अक्षर से आरंभ कर सकते है। मृगशिरा नक्षत्र मे जन्मे वालको की राशि वृष होगी, प्रात: 8.14 वजे के उपरंात जन्मे बालको का जन्म नक्षत्र आद्र्रा होगा। इस नक्षत्र मे जन्मे जातक अत्यंत स्वाभिमानी, उदार, उत्साही, सेवाभावी,प्रकृतिप्रेमी, निपुण, साहसी,तथा परोपकारी प्रवृत्ति के होते है इस राशि के जातक का जीवन प्रारंभ्भिक अवस्था संघर्षशील होता है।
Published on:
19 Jan 2019 09:44 am
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