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दोस्त निकले कातिल, शराब पिलाकर की रेत कारोबारी के बेटे की हत्या- देखें वीडियो

पुलिस को गुमराह करने के लिए फोन कर फिरौती मांगी, तीन गिरफ्तार
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जबलपुर

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Lalit Kumar Kosta

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Updated: 11 Mar 2022, 3:21 PM IST

brutally murdered

brutally murdered

जबलपुर। गोसलपुर के शंकरगढ़ में रहने वाले रेत कारोबारी मलखान सिंह के इकलौते दिव्यांग बेटे राहुल सिंह को उसके ही तीन दोस्तों सुनील चौधरी, सुनील तिवारी और विजय रजक ने मौत के घाट उतारा था। पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपियों ने राहुल के पिता को फोन कर फिरौती मांगी थी। गुरुवार को पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। वारदात में प्रयुक्त चाकू व रॉड जब्त कर ली गई है। यह जानकारी एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने दी। उन्होंने बताया कि राहुल पर तीनों की उधारी थी, जिसे लेकर तीनों राहुल से लंबे समय से मनमुटाव रख रहे थे।

यह है मामला: गोसलपुर के शंकरगढ़ कॉलोनी निवासी रेत कारोबारी मलखान सिंह का राहुल सिंह उर्फ गोलू (25) इकलौता बेटा था। बुधवार दो मार्च की शाम दोस्तों से मिलने की बात कहकर राहुल घर से निकला था। रात लगभग पौने आठ बजे मलखान के फोन पर गोलू के फोन से कॉल आया। बात करने वाले ने मलखान को बताया कि उसके बेटे का अपहरण कर लिया गया है। आरोपियों ने मलखान से 15 लाख रुपए की मांग की थी।

चरवाहे ने देखा था कंकाल : राहुल के घर से लगभग साढ़े तीन किलोमीटर दूर धरमपुरा स्थित झाडिय़ो के पास चरवाहा मंगलवार को मवेशियों को लेकर गया था। जहां उसने कंकाल देखा और पुलिस को सूचना दी। पिता और चाचा नागेन्द्र ने कंकाल की पहचान राहुल के रूप में की। जिसके बाद मामले में थाने में दर्ज अपहरण के मामले में हत्या की धाराएं बढ़ाई थी। पुलिस टीम ने राहुल के साथ आखिरी बार देखे गए गोसलपुर शंकर कॉलोनी निवासी सुनील चौधरी, गुड़हाई मोहल्ला निवासी सुनील तिवारी और विजय रजक उर्फ छोटेलाल से पूछताछ की। तिवारी और चौधरी ने बताया कि वे मजदूरी करते हैं और विजय ड्राइवर है। तीनों हमेशा राहुल के साथ बैठकर शराब पीते थे।

दो मार्च को सुनील तिवारी और सुनील चौधरी व विजय रजक ने राहुल को बुलाया। चारों आंगनबाड़ी केन्द्र पहुंचे। वहां शराब पी। इसके बाद तीनों राहुल को वहां से सरकारी स्कूल के पास ले गए और वहां भी शराब पी। इसके बाद तीनों राहुल को धरमपुरा की भटिया के पास ले गए।

रास्ते में किया था परिजन को फोन
जिस वक्त तीनों राहुल को धरमपुरा की भटिया ले जा रहे थे, उस वक्त सुनील तिवारी ने राहुल का फोन लिया और उसके पिता को फोन कर 15 लाख रुपए की फिरौती मांगी, ताकि वह पुलिस को गुमराह कर सके। इसके बाद राहुल का फोन बंद कर दिया। इसके बाद धरमपुरा की भटिया में तीनों आरोपियों ने राहुल पर चाकू और रॉड से वार कर मौत के घाट उतार दिया।