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अपर परियट जलाशय के लिए रक्षा मंत्रालय से निगम ने मांगे ५० करोड़

सुरक्षा संस्थानों के जल शुल्क की राशि से समायोजन का प्रस्ताव

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pariyat dam

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जबलपुर. मानसून में सामान्य से भी कम बारिश के चलते शहर में पहली बार बनी एक टाइम पानी कटौती की स्थिति ने अपर परियट जलाशय की फिर याद दिला दी है। परियट जलाशय से एक टाइम पानी दे रहे नगर निगम ने अपर परियट की कवायद तेज कर दी है। निगम ने रक्षा मंत्रालय से अपर परियट जलाशय के निर्माण के लिए ५० करोड़ रुपए मांगे हैं। इस राशि को सुरक्षा संस्थानों के पानी के बिल में समायोजित करने का प्रस्ताव दिया गया है। अब अपर परियट की गेंद रक्षा मंत्रालय के पाले में है। ५० करोड़ देने को लेकर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है, लेकिन निगम को सकारात्मक संकेत मिले हैं।

पानी के बिल से चुकाएंगे
रक्षा मंत्रालय को निगम ने अपर परियट के लिए ५० करोड़ देने के प्रस्ताव के साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि यह राशि निगम किस तरह वापस करेगा। सुरक्षा संस्थानों की पानी की जरूरत का हवाला देते हुए निगम ने कहा है कि हर माह के पानी के टैक्स की आधी राशि समायोजित की जाएगी। यानी पचास करोड़ रुपए चुकने तक निगम सुरक्षा संस्थानों से जलशुल्क के बिल की आधी राशि लेगा। इस सम्बंध में पूर्व रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर से नगर आगमन पर महापौर स्वाति गोडबोले मिली थीं। उन्होंने वर्तमान रक्षा मंत्री को भी इससे अवगत कराया है।

९० साल पहले बना परियट
वर्तमान परियट जलाशय को निर्माण ९० साल पहले अंग्रेजों ने कराया था। सन् १९२८ में बनाए गए इस जलाशय के निर्माण में तकनीक का जबरदस्त इस्तेमाल किया गया। जलाशय से कई किमी दूर रांझी स्थित वाटर फिल्टर प्लांट और सुरक्षा संस्थानों तक बिना पंपिंग के पानी पहुंचता है। पाइप लाइन इस तरह डाली गई हैं कि पानी अपने आप आगे निकल जाता है। नौ दशक पुराने इस जलाशय में अत्यधिक शिल्ट जमा हो गई है, वहीं जनसंख्या में भारी बढ़ोत्तरी के चलते इसका पानी अब कम भी पडऩे लगा है।

सुरक्षा संस्थानों के लिए जरूरी
परियट जलाशय से ऑर्डनेस फैक्ट्री खमरिया को प्रतिदिन १३ एमएलडी पानी दिया जाता है। सुरक्षा संस्थानों के लिए यह पानी अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन परियट का जलस्तर इस बार काफी कम होने और रांझी प्लांट से जुड़े वार्डों में एक टाइम पानी सप्लाई शुरू हो जाने से सुरक्षा संस्थानों के भी कान खड़े हो गए हैं। सुरक्षा संस्थानों के अफसर पिछले दिनों अपर परियट जलाशय को लेकर निगम भी पहुंचे थे।

ये है खास
५२ साल से चल रही अपर परियट जलाशय की कवायद
१९६६ में बनी थी अपर परियट की डीपीआर
२००७ में नए सिरे से बनाई दूसरी डीपीआर
१७.६४ करोड़ रुपए आंकी थी २००७ में लागत
५० करोड़ रुपए अब अपर परियट जलाशय की लागत
१५०० एकड़ में बनेगा अपर परियट जलाशय

अपर परियट जलाशय के निर्माण के लिए रक्षा मंत्रालय से ५० करोड़ रूपए मांगे गए हैं। इस राशि को सुरक्षा संस्थानों के जलशुल्क के बिल की आधी राशि लेकर चुकाया जाएगा। अपर परियट जलाशय का निर्माण किया जाना जरूरी है। इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
स्वाति गोडबोले, महापौर

परियट जलाशय के ऊपर अपर परियट जलाशय के निर्माण की डीपीआर अब फिर नए सिरे से जल संसाधन विभाग की ओर से तैयार कराई जा रही है। लगभग १५ सौ एकड़ में अपर परियट बनाया जाएगा। इसके बनने से शहर की पानी की समस्या दूर होगी, वहीं सुरक्षा संस्थानों को भी भरपूर पानी दिया जा सकेगा।
कमलेश श्रीवास्तव, कार्यपालन यंत्री, जल

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