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यहां तो गजब है! रास्ते में 10 हजार रुपए महंगी हो जाती है रेत

जबलपुर में स्टॉक पर 18 हजार और मौके तक पहुंच रही 28 हजार रुपए में  

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जबलपुर। रेत की कीमत लगातार बढ़ रही है। जबलपुर जिले में रेत का ठेका लेट होने और पर्याप्त मात्रा में स्टॉक नहीं होने से यह स्थिति बनी है। खामियाजा आम आदमी को उठाना पड़ रहा है। शहर में अभी एक हाइवा रेत का दाम 28 से 30 हजार रुपए है। जहां ठेकेदार ने स्टॉक किया है, वहां से रॉयल्टी सहित करीब 18 हजार रुपए की प्रति हाइवा रेत दी जा रही है, लेकिन कार्यस्थल तक पहुंचने में 10 से 12 हजार रुपए जुड़ जाते हैं। अब प्रशासन कीमतों को नियंत्रित करने के लिए आसपास के जिलों से रेत मंगवाने की योजना बना रहा है।

जिले में 31 करोड़ रुपए से ज्यादा में रेत का ठेका हुआ है। एग्रीमेंट की कार्रवाई कुछ समय पहले ही पूरी हुई है। उससे पहले लॉकडाउन में शासकीय गतिविधियां बंद हो गई थीं। वहीं एग्रीमेंट के कुछ दिनों के बाद ही सभी खदानों में बरसात के कारण रेत खनन पर रोक लगा दी गई। मौजूदा स्थिति में अधिकृत रूप से ठेकेदार के पास करीब 90 हजार घनमीटर रेत का स्टॉक है। उसमें लगभग 20 हजार घनमीटर रेत की निकासी हो चुकी है। लगभग 70 हजार घनमीटर रेत अभी शेष है।

अभी रेत जल्दी नहीं मिल रही। ऑर्डर के दो से तीन दिन में रेत मिल रही है। जबलपुर क्रेडाई के सचिव दीपक अग्रवाल ने बताया कि रेत के दाम काफी तेज हैं। इसका असर रियल इस्टेट कारोबार पर पड़ रहा है। खनिज अधिकारी एसएस बघेल ने बताया कि स्टॉक से करीब 18 हजार रुपए की रॉयल्टी एक हाइवा के लिए कट रही है। ट्रांसपोर्टर उसमें अपना चार्ज जोड़ लेते हैं। इससे कीमत बढ़ रही है। कलेक्टर भरत यादव ने बताया कि रेत की कीमत पर नियंत्रण रखने के लिए उपाए किए जाएंगे। शासकीय ठेकेदार को स्टॉक करने के लिए कम वक्त मिला। करीब 90 हजार घनमीटर रेत स्टॉक हो सकी। फिर भी यदि कमी होती है तो कीमतें नियंत्रित करने के लिए आसपास के जिलों से रेत ली जाएगी। इन जिलों में भी काफी भंडारण किया गया है।