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अभिनेता अर्जुन रामपाल के नाना ने जबलपुर में डिजाइन की थी सेना की  पहली गन

संस्कारधानी  में हुआ था अर्जुन का जन्म, डच माता की संतान थीं टीचर मां,  पंजाबी रामगढिय़ा सिख थे पिता

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Ajay Khare

Nov 22, 2016

arjun rampal jabalpur

arjun rampal mother and wife

जबलपुर। अपने उत्कृष्ट अभिनय से देशवासियों के दिलों में अलग मुकाम बनाने वाले अभिनेता अर्जुन रामपाल से प्राय: सभी वाकिफ हैं। लेकिन बहुत कम लोग ही यह जानते हैं कि अर्जुन का जन्म जबलपुर में हुआ था। अर्जुन के नाना ने आजादी के बाद सेना के लिए पहली आर्टलरी गन डिजाइन की थी। जबलपुर स्थित जीसीएफ फैक्ट्री ने यह गन बनाई थी। उनके नाम पर इस गन को गुरदयाल गन नाम दिया गया था।

arjun rampal family
पिता थे व्यवसायी
अर्जुन का जन्म 26 नवंबर 1972 को जबलपुर में सेना से जुड़े परिवार में हुआ था। पंजाबी रामगढिय़ा सिख परिवार के जबलपुर निवासी व्यवसायी अमरजीत रामपाल उनके पिता थे। अर्जुन के नाना ब्रिगेडियर गुरदयाल सिंह सेना में इंजीनियर थे। द्वितीय विश्वयुद्ध के समय उन्हें नीदरलैंड (हॉलैंड )में तैनात किया गया था। वहां उन्होंने डच महिला से विवाह कर लिया। गुरदयाल सिंह की चार संतानों में से अर्जन की माता ड्वेन रामपाल दूसरे नंबर की हैं।


सेना के लिए पहली आर्टिलरी गन
गुरदयाल सिंह ने द्वितीय विश्वयुद्ध के समय बर्मा में तैनात रहते हुए अपना विशिष्ट योगदान दिया था। इसके चलते उन्हें जबलपुर स्थित जीसीएफ फैक्ट्री में पदस्थ किया गया। यहां उन्होंने आजादी के बाद भारतीय सेना के लिए पहली आर्टिलरी गन डिजाइन की थी। उनके नाम पर इसका नाम गुरदयाल गन रखा गया था।

छोडऩा पड़ा शहर
अर्जुन की माता ड्वेन की उनके पिता अमरजीत से अधिक अरसे तक नहीं निभ सकी। इसके चलते दोनों में तलाक हो गया। अर्जुन और उनकी बहन किम उस समय अबोध थे। इसके बाद उन्हें जबलपुर छोडऩे पर विवश होना पड़ा।दोनों मां ड्वेन के साथ तमिलनाडु के कोडाईकनाल चले गए, जहां वे टीचर थीं। वहां से वे माता के साथ महाराष्ट्र के नासिक के समीप देवलाली चले गए, जहां सेंट पैट्रिक स्कूल से उनकी प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा हुई।

arjun rampal family 2

नाना पर बनाएंगे फिल्म
अर्जुन ने हाल ही में एक साक्षात्कार में कहा था कि वे एक्टर कैसे बने, यह नहीं जानते। एक लड़का जो जबलपुर जैसे छोटे शहर में पैदा हुआ, नासिक लाया गया और मुंबई आया। यह विधि का विधान ही है जो उन्हें बड़े स्टार्स की बड़ी फिल्मों में काम करने का अवसर मिला। साक्षात्कार के दौरान उन्होंने अपने स्वर्गीय नाना ब्रिगेडियर गुरदयाल पर फिल्म बनाने की इच्छा जताई थी। उन्होंने कहा था कि उनका होम प्रोडक्शन यह फिल्म जल्द ही बनाएगा।