7 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

आखिर कौन हैं श्री श्री रविशंकर, जानिए रोचक फैक्ट्स

अयोध्या विवाद में इस हालिया बयान के बाद खूब रहे चर्चा में

less than 1 minute read
Google source verification
meerut

art of living sri sri ravi shankar ji bhajans and latest news in hindi

जबलपुर। आर्ट ऑफ लिविंग... इस संस्था से शायद ही कोई अनजान हो। और बात अगर संस्था के संस्थापक श्री श्री रविशंकर की हो तो उनकी पहचान आज सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया में है। जीवन जीने की कला सिखाने वाले श्री श्री न केवल एक अच्छे योग गुरू है। बल्कि उनकी पहचान एक मानवीय नेता, अध्यात्मिक गुरू और शांति के राजदूत के रुप में भी है। वे करीब 11 साल बाद गुरुवार को शहर आ रहे है। दो दिन के उनके प्रवास के दौरान गोल बाजार में श्री श्री का महासत्संग "शक्ति संगम" होगा। अगले दिन वे शहर में देवी पूजन भी करेंगे। इस अवसर पर आइए जानते है श्री श्री से जुड़ी कुछ रोचक जानकारियां...

4 साल की उम्र में गीता की व्याख्या
वर्ष 1956 में दक्षिण भारत में जन्मे श्री श्री रवि शंकर बचपन से ही प्रतिभावान बालक रहे। 4 वर्ष की आयु से ही वे भगवद् गीता की व्याख्यान कर लेते थे। उनके पहले गुरु सुधाकर चतुवेर्दी थे, जो महात्मा गाँधी से काफी समय तक जुड़े रहे। उन्होंने वैदिक साहित्य और भौतिक विज्ञान दोनों में डिग्री प्राप्त की है।

women's day 2018: कम उम्र में इस लाडो ने किया ये बड़ा काम, सीएम शिवराज सिंह भी फैन

10 दिन का मौन और सुदर्शन क्रिया का जन्म
कर्नाटक के शहर शिमोगा में श्री श्री रवि शंकर वर्ष 1982 में 10 दिन के लिए मौन में चले गए। उसके उपरांत सुदर्शन क्रिया का जन्म हुआ। समय के साथ सुदर्शन क्रिया आर्ट ऑफ लिविंग की मुख्य केंद्र बिंदु बन गयी। श्री श्री ने आर्ट ऑफ लिविंग की स्थापना एक अंतराष्ट्रीय, लाभ निरपेक्ष, शैक्षिक एवं मानवतावादी के तौर पर की। इसके शिक्षात्मक और आत्मविकास सम्बन्धी कार्यक्रम तनाव मिटाने और कुशल मंगल की भावना उत्पन्न करने के शक्तिशाली साधन प्रदान करते है।