
बच्चों में यूरिन संक्रमण से कई दिन तक तेज बुखार के मामले सामने आ रहे हैं। इसके अलावा पेट दर्द, यूरिन में जलन, यूरिन कम और पीले रंग की आने जैसी समस्याएं भी हो रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार छोटे बच्चों को लगातार डायपर पहनाकर रखना और कम पानी पीने से यह समस्या हो रही है।
समय पर उपचार होने से उन्हें आराम भी मिल रहा है। लेकिन कई मामलों में बच्चे को हो रहे यूरिन संक्रमण का माता-पिता को कारण पता नहीं होता। ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्र के मामलों में समय पर जांच नहीं हो पाने से समस्या का देर से पता चलता है।
यूरिन संक्रमण बैक्टीरिया के कारण भी होता है, जो यूरिन नली के आसपास की त्वचा से यूरिनल मार्ग में प्रवेश कर सकता है। इसका सामान्य ई कोलाई है, जो आंतों में उत्पन्न होता है। जब इस प्रकार के बैक्टीरिया या अन्य बैक्टीरिया यूरिनल मार्ग तक फैल जाते हैं तो बच्चों में यूरिन संक्रमण की समस्या होती है। इलाज में देरी होने पर संक्रमण ब्लड तक फैल जाता है। ऐसी स्थिति में लम्बा इलाज चलता है।
विशेषज्ञों के अनुसार कई मामलों में जन्मजात बच्चों की यूरिन नली कम खुलने से भी यूरिन संक्रमण की समस्या होती है। ऐसे कई मामलों में यूरिन नली को सही आकार में लाने के लिए सर्जरी भी करानी पड़ रही है।
इन लक्षणों का न करें नजरंदाज
● बार-बार पेशाब आना
● लगातार तेज बुखार आना
● तेज पेट दर्द
● यूरिन के समय जलन होना
● लगातार डायपर पहनाकर न रखें
● लगातार तेज बुखार होने पर जांच कराएं
● यूरिन नली के आसपास सफाई का ध्यान रखें
बच्चों में यूरिन संक्रमण के मामलों में सामान्य तौर पर लगातार डायपर पहनाकर रखना, डायपर चेंज न करना आदि कारण जिम्मेदार हैं। कुछ बच्चों में यूरिन की नली पूरी तरह से नहीं खुलने से भी संक्रमण होता है। ऐसे मामलों में सर्जरी भी करानी पड़ती है। पेट में तेज दर्द, तेज बुखार, यूरिन में जलन और रंग बदलने जैसे लक्षणों की अनदेखी न करें।
डॉ. मंजू अग्रवाल, शिशु रोग विशेषज्ञ
Updated on:
24 Apr 2024 01:05 pm
Published on:
24 Apr 2024 12:39 pm
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