
Lokayukta
जबलपुर. जिले की गोरखपुर तहसील कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड तीन ऋषि पांडे और सहायक ग्रेड टू अशोक रजक को लोकायुक्त संगठन की जबलपुर यूनिट ने सोमवार को दस हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया। बाद में दोनों को जमानत मुचलके पर रिहा कर दिया गया। कलेक्टर ने दोनों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। लोकायुक्त टीम ने बताया कि बाजानामठ निवासी सच्चिदानंद गिरी गोस्वामी की सास के नाम एक प्लॉट है। उसका नामांतरण होना था। उन्होंने गोरखपुर तहसीलदार कार्यालय में आवेदन दिया था। वहां पदस्थ बाबू ऋषि और अशोक रजक ने उनसे नामांतरण आदेश पारित करने के एवज में दस हजार रुपए मांगे। मामले की शिकायत सच्चिदानंद ने लोकायुक्त संगठन से की थी।
जांच के दौरान टीम ने बाबुओं की बातों को टेप किया। सच्चिदानंद को दोनों ने रिश्वत की रकम लेकर सोमवार को कार्यालय में बुलाया। इसकी जानकारी सच्चिदानंद ने लोकायुक्त टीम को दी। टीम पहले ही वहां पहुंच गई। जैसे ही दोनों ने रिश्वत ली लोकायुक्त की टीम ने बाबुओं को गिरफ्तार कर लिया। उनके हाथ धुलवाए गए, तो रिश्वत में ली गई रकम में लगे कैमिकल के कारण वे रंग गए। लोकायुक्त जांच कर रहा है।
Published on:
09 Apr 2024 02:59 pm
