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जबलपुर. मुफलिसी के दौर में जिस मां ने टाइपिंग, सिलाई और नर्सरी स्कूल के बच्चों को पढ़ाकर बेटी को पाला-पोसा। अच्छी शिक्षा देकर नर्स बनाया, वही बेटी ६७ साल की बुजुर्ग मां को अस्पताल में भर्ती कराकर लावारिस हालत में छोड़कर चली गई। यह पीड़ा है नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल अस्पताल के कैजुअल्टी वार्ड में भर्ती डाली लाल की। जब भी कोई उनका हाल पूछता तो वे फफक कर रो पड़ती हैं। अस्पताल के डॉक्टर, स्टाफ और मरीजों के परिजन वृद्ध महिला की देखभाल कर रहे हैं।
वृद्ध डाली लाल ने बताया कि पति और दो बेटों की मौत के बाद उसके भाई और बेटी अंतिम सहारा थे। बेटी के घर से अपमानित होकर भाई के पास पहुंंची। भाई ने उन्हें फिर बेटी के पास पहुंचा दिया। उन्होंने बताया कि वे शुगर की मरीज है। गिरने से पैर में मोच आ गई। १५ दिन पहले विक्टोरिया अस्पताल में प्लास्टर लगा है। वे चलने में भी असमर्थ हैं। उन्होंने बताया कि वे ११वीं कक्षा तक पढ़ी हैं। पति नशे के आदी थे। उन्होंने ही ही सिलाई-कढ़ाई कर बेटों और बेटी को पढ़ाया। बेटी १२वीं के बाद मझौली स्थित अस्पताल में नर्स है।
बीमार बताकर किया भर्ती, लौटाया एम्बुलेंस
डालीलाल के बेटी-दामाद ने उन्हें बीमार बताकर ९ नवम्बर को मेडिकल कॉलेज के वार्ड नम्बर १७ में भर्ती कराया। उनकी सेवा करने वाला कोई नहीं है। मेडिकल अस्पताल प्रशासन ने १४ नवम्बर को सरकारी एम्बुलेंस से उन्हें उनके बताए पते पर सीएमएस कम्पाउंड स्थित घर पहुंचाया। घर में मौजूद लोगों ने उन्हें उतरने से पहले ही एम्बुलें समेत लौटा दिया। उन्हें कैजुअल्टी वार्ड में भर्ती कराया गया है।
मेडिकल अस्पताल में बुजुर्ग महिला को भर्ती कराने वाले लावारिस छोड़ गए हैं। सरकारी एम्बुलेंस से मरीज को घर भेजा तो उन्होंने उतारने से इनकार कर दिया। अगर परिजन बुजुर्ग को नहीं ले गए तो थाने में शिकायत दर्ज कराई जाएगी।
- डॉ. राजेश तिवारी, अधीक्षक, मेडिकल अस्पताल
सम्बंधित मरीज के बारे में जानकारी ली गई है। उसकी मानसिक स्थिति खराब बताई जा रही है। मानसिक रोग विभाग में जांच कराकर बुजुर्ग महिला के लिए उचित प्रबंध किया जाएगा।
- डॉ. एमएम अग्रवाल, सीएमएचओ
इधर, किलकारी सुन बाहर आई, तो नवजात बालिका को छोड़कर भाग रही थी महिला
दुनिया में आए उसे चंद रोज भी नहीं हुए थे कि मासूम पर अपनो का एेसा कहर टूटा, जिसे जिसने भी सुना, उसकी रूह कांप गई। घटना शुक्रवार रात की है। दो से तीन दिन पूर्व जन्मी एक मासूम बालिका को एक महिला ग्वारीघाट के सिद्धघाट में छोड़कर चली गई। सूचना पर पुलिस पहुंची। मासूम को एल्गिन अस्पताल भिजवाया, जहां उसे भर्ती कर लिया गया। ग्वारीघाट थाना प्रभारी इकबाल बहादुर ने बताया कि सिद्धघाट निवासी रागिनी सोनी दादा दरबार में काम करती है। वह वहीं रहती भी है। शुक्रवार रात लगभग साढ़े आठ बजे उसे एक बच्चे की किलकारी सुनाई दी। वह आश्रम से बाहर निकली, तो देखा कि एक महिला ने आश्रम के गेट पर बच्चे को रख कर भाग रही है। रागिनी उसके पीछे दौड़ी, लेकिन तब तक वह फरार होगई। सूचना पर पुलिस ने नवजात को अस्पताल पहुंचाया।
Updated on:
20 Nov 2017 09:22 am
Published on:
19 Nov 2017 02:21 pm
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