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छह माह लेट हुई आईटी पार्क की टेक्नोपार्क बि​​​​​ल्डिंग

नई कंपनियों के निवेश में देरी, रोजगार में भी अड़ंगा

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जबलपुर . साॅफ्टवेयर कंपनियों को टेक्नोपार्क-2 की बिल्डिंग के लिए इंतजार करना होगा। तय समय में निर्माण पूरा नहीं हुआ है। निर्माण एजेंसी मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने ठेका फर्म को नवंबर तक का समय दिया है। इसके बाद उस पर कार्यवाही की जाएगी।

बरगी हिल्स आईटी पार्क में टेक्नापार्क बिल्डिंग बनी है। उसी के समान दूसरी बिल्डिंग का निर्माण उसके बाजू में हो रहा है। इसका आकार और डिजाइन एक सी रहेगी। 20 आईटी कपंनियां इसमें अपना कार्यालय संचालित कर सकती हैं।मौजूदा टेक्नोपार्क बिल्डिंग मे एक दर्जन नामी और स्थानीय कंपनियों का कारोबार चल रहा है। इसमें साफ्टवेयर डेवलपमेंट से लेकर तमाम प्रकार के कार्य होते हैं। यह पूरी भरने के कारण मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रानिक डेवलपमेंट कारपोरेशन ने दूसरी बिल्डिंग की योजना बनाई है।

मार्च तक हो जाना था निर्माण

इस बिल्डिंग का निर्माण मार्च 2022 में शुरू हुआ था। ठेका फर्म को मार्च 2023 तक का समय दिया गया था। इसके बाद एक्टेंशन दिया गया। अब 4 माह ज्यादा हो गए हैं। अभी जितना काम हुआ है, उससे ऐसा नहीं लगता कि काम जल्दी खत्म होगा। आईटी साॅफ्टवेयर से जुड़ी कंपनियाें को 6 महीने का इंतजार करना पडे़गा। छह मंजिला रहेगी यह इमारत टेक्नोपार्क-2 बिल्डिंग दो बेसमेंट और एक ग्राउंड फ्लोर मिलाकर छह मंजिला होगी।

यह है िस्थति

- 22 करोड़ रुपए है बिल्डिंग की लागत।

- 1 लाख 20 हजार वर्गफीट होगा क्षेत्रफल।

- दो बेसमेंट एक ग्राउंडफ्लोर सहित 6 मंजिल।

- मार्च 2022 में शुरू, मार्च 23 में होनी थी पूरी।

- चार महीने लेट हो गया है निर्माण कार्य।

- अभी तक तीसरी मंजिल तक पहुंचा काम।

एक लाख 20 हजार वर्गफीट क्षेत्रफल

22 करोड़ की लागत से बनने वाली बिल्डिंग का कुल निर्माण क्षेत्रफल एक लाख 20 हजार वर्गफीट होगा। इसमें कई प्रकार की सुविधाएं भी कंपनियों को दी जाती है। हालांकि इसके निर्माण में देरी की वजह से कंपनियां अब दूसरी जगह अपना प्रोजेक्ट ले जाने की सोच रही हैं। इससे शहर में निवेश भी हतोत्साहित हो रहा है।

टेक्नोनार्क बिल्डिंग-2 के निर्माण में देरी हुई है। जब काम चल रहा था, तभी स्मार्ट सिटी की तरफ से सड़क बनाई जा रही थी। उस समय निर्माण सामग्री की आवक रुकने के कारण व्यवधान आया था। ठेका फर्म को नवंबर तक काम को पूरा करने का अल्टीमेटम दिया गया है।

सुनील उपाध्याय, सहायक यंत्री, मप्र गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल