आदिवासी गले में हंसली, कण्ठी, लटकनियां, छूटा, हयकल, बन्धन हार, तागली, साकली मुरकी, कान में बाली, झुमके और कर्णफ़ूल, हाथों में चूड़ा, कंगना, बाकुड़ा, हाड़का, काकन, कड़ी कंगना, गजरिया, एठी, गेंदे , गेंदे गजरे, लाख चूड़ा , पैर में तोडड, गुजरी, तोड़ा, पैनजा, पायल, कामी, कड़े, तोड़ा, पैरी आदि आभूषणों का चलन देखा गया है। इन आभूषणों की पच्चीकारी और नाक्काशी देखकर कारीगर के हुनर की दाद देना पड़ती है।