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Konkan Railway जैसा खूबसूरत है यह रेलवे ट्रेक हरी-भरी वादियों के बीच से गुजरती हैं ट्रेन

जबलपुर से गोंदिया के बीच के रेल ट्रेक पर तेजी से चल रहा है काम, मार्च 2018 तक शुरू हो जायेगा रेल यातायात

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जबलपुर। देशभर के रेल ट्रेकों में कोंंकण रेलवे का सबसे खूबसूरत माना जाता है। मुंबई से गोवा के लिए जाती ट्रेन जब इस ट्रेक से गुजरती है तो पहाड़ों की हरियाली बरबस ही सभी का ध्यान खींच लेती है। छोटे-बड़े झरने बहते दिखते हैं, हरी-भरी वादियों के बीच बहती पहाड़ी नदियों के पुल से गुजरती ट्रेन में बैठने का अनुभव ही कुछ और होता है। कुछ ऐसा ही नजारा मध्यप्रदेश के एक और रेलवे ट्रेक पर भी नजर आता है। जबलपुर से बालाघाट और फिर आगे गोंदिया तक का यह रेलवे टै्रक आनंददायक सफर का अहसास कराता है।


घने जंगल और बड़े पहाड़
28 नवंबर से जबलपुर से नैनपुर के बीच रेल सेवा फिर शुरू हो रही है। ब्राडगेज होने के बाद जबलपुर से नैनपुर तक ट्रेन जाएंगी और इसी के साथ जबलपुर से गोंदिया के बीच रेल यातायात जल्द शुरु हो जाने की तैयारी भी शुरु हो गई है। रेलवे के अधिकारियों के अनुसार जबलपुर से गोंदिया के बीच रेल यातायात संभवत: मार्च 2018 तक शुरू हो जायेगा। नैनपुर तक ब्राडगेज का काम पूरा हो जाने से जहां इस स्टेशन तक ट्रेन चालू हो रहीं हैं वहीं नैनपुर और बालाघाट के बीच ब्राडगेज तैयार किया जा रहा है। अधिकारी बताते हैं कि इस 76 किलोमीटर के ट्रैक का काम भी आधे से ज्यादा पूरा हो चुका है। इस ट्रेक के जिस हिस्से में जंगल ज्यादा घने हैं और बड़े पहाड़ हंैं अब काम उसी हिस्से में अटका है। इस हिस्से में भी जल्द काम पूरा करने की कोशिश की जा रही है।


सीधे जा सकेंगे नागपुर
जबलपुर से गोंदिया के बीच ब्राडगेज का काम पूरा हो जाने के बाद जल्द ही रेल सेवा भी शुरू कर दी जाएगी। इस ट्रेक पर टे्रनें चलने के बाद महाकौशल क्षेत्र से दक्षिण भारत की यात्रा बेहद सुविधाजनक हो जाएगी। अभी नागपुर होकर दक्षिण भारत जाने के लिए जबलपुर से रेलयात्रियों को इटारसी होकर जाना पड़ता है। जबलपुर से इटारसी होकर नागपुर तक की 542 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती है। जबलपुर-गोंंदिया ट्रेक बन जाने के बाद सीधे नागपुर जा सकेंगे। अधिकृत जानकारी के अनुसार इस ट्रेक के बन जाने के बाद दक्षित भारत की दूरी 276 किलोमीटर कम हो जायेगी।