
beautiful waterfalls
जबलपुर। धुआंधार तो विश्व विख्यात है पर सिद्धेश्वर जल प्रपात, घुघवा और सुवर्ण फॉल की जानकारी भी दुनियाभर के पर्यटकों को देनी होगी। जानकार यही मानते हैं कि नर्मदा के तट बसे जबलपुर में एक से बढकऱ एक जल प्रपात हैं, ऐसे में इस प्राचीन नगरी की पहचान झरनों के शहर के रूप में भी बन सकती है। जरूरत इन रमणीय स्थलों को एक परिपथ में पिरोने की है। विशेषज्ञों का मानना है कि परिपथ तैयार हो जाए और यहां मौजूद रमणीय स्थलों की पैकेजिंग कर ब्रांडिंग भी की जाए तो पर्यटकों की यहां बहार आ जाएगी।
पर्यटन को लगे पंख - परिपथ तैयार होने पर खत्म होगा पर्यटकों का इंतजार
सिद्धेश्वर जलप्रपात, घुघवा-सुवर्ण भी दुनिया को दिखाना होगा
जबलपुर आने वाले पर्यटक केवल धुआंधार की सैर करके वापस लौट जाते हैं, यहां मौजूद सिद्धेश्वर जल प्रपात, घुघवा जल प्रपात व सुवर्ण फॉल को भी पर्यटन परिपथ में जोडऩे की आवश्यकता है। ऐसा करके प्राचीन नगर की ब्रांडिंग झरनों के शहर के रूप में भी की जा सकती है। इन झरनों की खूबसूरती देखते ही बनती है।
- एबी मिश्रा, पर्यटन मामलों के जानकार
पर्यटकों की पहुंच से दूर हैं ये जलप्रपात
विहंगम घुघवा जल प्रपात- नर्मदा में तिलवाराघाट व लम्हेटाघाट के बीच नर्मदा का विहंगम घुघवा जल प्रपात है। प्राचीन चट्टानों के बीच स्थित जल प्रपात का नजारा लोगों को प्रफु ल्लित कर देता है। लेकिन अब तक ये स्थल भी पर्यटकों की पहुंच से दूर है। दूसरे शहरों से आने वाले पर्यटक और विदेशी पर्यटक भी इस स्थल पर नहीं पहुंच पाते हैं।
सुरम्य सिद्धेश्वर जल प्रपात - शहर से महज बीस किलोमीटर की दूरी पर नर्मदा किनारे हरित क्षेत्र में बिलखरवा स्थित सुरम्य सिद्धेश्वर जल प्रपात पचमढ़ी के बी फॉल से कम नहीं है। गौ बच्छा घाट के समीप स्थित इस रमणीय स्थल तक पर्यटकों की आवाजाही आसान करने के लिए सरस्वतीघाट से नौकायन शुरू किया जा सकता है।
मनोरम सुवर्ण फॉल - नर्मदा-हिरन के संगम स्थल से कु छ दूरी पर जंगल में पहाड़ी से होकर बहने वाला मनोरम सुवर्ण फ ॉल है। जानकार बताते हैं की झाडिय़ों के बीच से होकर बहने वाले इस जल प्रपात का पानी ठंड के दिनों में अलसुबह सुनहरा नजर आता है। इसी के कारण इसे सुवर्ण फॉल के नाम से पहचाना जाता है पर अभी तक ये खूबसूरत झरना पर्यटकों की पहुंच से दूर है।
Published on:
27 Aug 2021 09:39 am
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