
we need ring road
जबलपुर। यातायात के दबाव से शहर की सड़कों को मुक्ति मिलेगी। भारी माल वाहक वाहन का अंदरूनी सड़कों पर दबाव नहीं रहेगा। जबलपुर में प्रदेश की सबसे बड़ी ग्रेटर रिंग रोड का निर्माण अब भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत होगा। रिंग रोड का निर्माण पचास साल की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा। सांसद राकेश सिंह ने बताया कि रिंग रोड का निर्माण कार्य अब केन्द्र सरकार करेगी। उनके सुझाव पर सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इसे स्वीकृति दे दी है। उन्होंने पत्र के माध्यम से सांसद सिंह को जानकारी दी।
केन्द्रीय मंत्री गडकरी के जबलपुर प्रवास के दौरान सांसद सिंह ने फ्लाईओवर व रिंग रोड के निर्माण की मांग रखी थी। जिन्हें केन्द्रीय मंत्री गडकरी ने सैद्धांतिक स्वीकृति दी थी। रिंग रोड का निर्माण तेज गति से हो इसके लिए सांसद सिंह ने उनसे रिंग रोड को भारतमाला परियोजना में शामिल करने की मांग की थी। जिसे उन्होंने स्वीकृति दे दी। अब केवल जमीन अधिग्रहण का काम प्रदेश सरकार करेगी।
डीपीआर की निविदा जारी
सांसद सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग ने इस परियोजना की डीपीआर तैयार करने निविदा भी जारी कर दी है। ये रिंग रोड प्रदेश की सबसे बड़ी रिंग रोड होगी। केन्द्रीय मंत्री गड़करी की सोच रही कि किसी भी शहर के विकास के लिए जो योजना बने वह आने वाले पचास साल के लिए हो। इसी प्लानिंग के तहत रिंग रोड का निर्माण होना है।
लॉजिस्टिक हब ले सकेगा आकार
रिंग रोड के बनने पर जबलपुर के वृहद लॉजिस्टिक हब बनने की राह खुलेगी। जीएसटी लागू होने के बाद से सभी उत्पादकों का फोकस इस पर है कि वे एक ही स्थान देशभर में एक दाम पर अपने उत्पाद पहुंचा सके। ऐसे में देश के मध्य में होने के कारण जबलपुर लॉजिस्टिक हब बनने के लिए सबसे अनुकूल स्थान है। गोंदिया ब्रॉडगेज का निर्माण पूरा होने व डुमना एयरपोर्ट के विस्तार के साथ जबलपुर की एयर व रेल कनेक्टिविटी बेहतर हो जाएगी। जबलपुर-नागपुर व जबलपुर भोपाल एनएच के चौड़ीकरण से रोड कनेक्टिविटी पहले ही बेहतर हुई है।
Published on:
23 Jun 2020 08:27 pm
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