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जबलपुर। जबलपुर के पास स्थित भेड़ाघाट दुनियाभर में प्रसिद्ध है। यह घाट नर्मदा के बड़े जलप्रपात के नाम से जाना जाता है। तेज गति से बहती नर्मदा जब चट्टानों के नीचेे गिरती है तो तब न केवल जोरदार आवाज आती है बल्कि प्रपात पर धुआं जैसा उठ जाता है। इसीकारण इस प्रपात को धुआंधार प्रपात कहा जाता है। धुआंधार जल प्रपात को देखने और यहां से आगे संगमरमरी वादियों के बीच नर्मदा में नौका विहार करने देश-विदेश के लाखों सैलानी यहां आते हैं। हैरत की बात यह है कि यह विश्वप्रसिद्ध जलप्रपात अब गायब हो गया है। लोग बड़ी संख्या में बारिश के बीच धुआंधार का नजारा लेने जा रहे हैं पर धुआंधार नजर ही नहीं आ रहा है।
पानी ने लीला प्रपात
दरअसल यह स्थिति बरगी बांध के कारण उत्पन्न हुई है। बरगी बांध के 7 गेट खोलकर यहां से पानी रिलीज किया गया। बांध का पानी जब आगे बढकऱ भेड़ाघाट पहुंचा तो यहां के जलप्रपात को भी लील लिया अब हाल ये है कि न तो चट्टानों से नीचे पानी गिर रहा है, न ही जोरदार आवाज आ रही है और न धुआं उठ रहा है। भेड़ाघाट पर चारों तरफ सिर्फ पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। यहां आनेवाले सैलानी बता रहे हैं कि बरगी के गेट खुलते ही पानी तेजी से भेड़ाघाट की और बढ़ा और धुआंधार जलप्रपात को अपने आगोश में समा लिया।
जल्द दिख सकता है नजारा
वैसे कुछ घंटों बाद धुआंधार जलप्रपात फिर नजर आ जाने की उम्मीद जताई जा रही है। बरगी डैम के खोले गए 7 गेटों में से 4 गेट बंद कर दिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार आने वाले पानी की रफ्तार कम होते ही 26 घंटे बाद बुधवार की शाम को 6 बजे 4 गेट बंद कर दिए गए। अब सिर्फ 3 गेट ही खुले हैं, वे भी आधा-आधा मीटर की ऊंचाई तक। बांध में 1844 क्यूमेक पानी प्रति सेकंड आ रहा है, जबकि 431 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है।
Published on:
26 Jul 2018 02:06 pm
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