मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले इंद्र कुमार तिवारी की हत्या का खुलासा हो गया है। हत्याकांड में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं, जो बातें सामने आई हैं वो किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। सोशल मीडिया में संपत्ति हड़पने के लिए इस तरह की कहानी देखकर साहिबा बानो और उसके पति ने इंद्र कुमार को फंसाने की साजिश रची। साहिबा बानो और उसके साथियों ने देखा कि इंद्र कुमार के पास जमीन के साथ-साथ नौकरी भी है और वह विवाह करने के लिए परेशान है। जिसका फायदा उठाते हुए दोनों ने फर्जी शादी कर उसका धन हड़पने की योजना बनाई। सबसे पहले साहिबा बानो ने खुशी तिवारी नाम से फर्जी आधार कार्ड बनवाया। इंद्र, जो जबलपुर के बढ़वार इलाके के रहने वाले थे, खुशी की बातों में आ गए। शादी की बात तय हुई और वो 600 किलोमीटर दूर गोरखपुर पहुंच गए। गोरखपुर में मंदिर के भीतर सिंदूर, जयमाला और शादी की रस्में पूरी की गई। इंद्र को क्या पता था कि जिस खुशी तिवारी को उन्होंने पत्नी माना, वो असल में साहिबा बानो है- जो उससे शादी करने नहीं, बल्कि कत्ल का इरादा लेकर आई थी. शादी के कुछ घंटे बाद ही साहिबा ने अपने साथियों के साथ मिलकर इंद्र की चाकू से गोदकर हत्या कर दी।