
big scam in india
जबलपुर। मध्यप्रदेश में कृषि उपज की खरीदी में बड़ा घोटाला सामने आया है। जिसमें फर्जी किसानों के नाम पर सैकड़ों क्विंटल दलहन समर्थन मूल्य पर बेच दी गई। करोड़ों रुपए के इस घोटाले से जब परदा उठा तो आनन-फानन में मामले की जांच कराई गई। इसके बाद कलेक्टर ने सहकारी समति के अध्यक्ष, संचालक, प्रबंधक और व्यापारियों के खिलाफ एफआईआर करने के निर्देश दे दिए हैं। पूरे मामले की रिपोर्ट सरकार को भेजी जा रही है ।
जनसुनवाई में शिकायत के बाद जांच
जिले के पाटन में सोसाइटी सदस्य और व्यापारियों के गठजोड़ से दलहन खरीदी जमकर गड़बड़ की गई। पाटन की सहसन सोसाइटी में व्यापारियों ने फर्जी किसान बनकर 1500 क्विंटल उड़द, मंूग और तुअर की फसल बेच दी। मामला समर्थन मूल्य पर दलहन की खरीदी का है। पूरा मामला संदेहास्पद तब हुआ जब फर्जी किसानों ने कलेक्टर की जनसुनवाई में भुगतान न होने की शिकायत की। जबलपुर कलेक्टर महेश चंद्र चौधरी ने जब खरीदी की जांच कराई तो एक करोड़ से ज्यादा का ये घोटाला सामने आया।
पड़ोसी जिले में भी सामने आया था मामला
नरसिंहपुर जिले में भी अरहर, मंूग, उड़द, मसूर और चना की खरीदी में भी बड़ा घोटाला सामने आया था। साल २०१७-१८ में ६ लाख १७ हजार ६१२ लाख क्विंटल खरीदी की गई, जबकि एक साल पहले इस जिले में सिर्फ २७ हजार ४२० क्विंटल ही थी। कमिश्नर, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विवेक पोरवाल ने की जांच की, जिसमें करोड़ों का घोटाला सामने आया। पिपरिया, हरदा, तेंदूखेड़ा में भी दलहन खरीदी में गड़बड़ी के मामले सामने आए हैं।
एसपी को एफआईआर के लिए भेजा पत्र
कलेक्टर महेशचंद्र चौधरी के अनुसार सहसन सोसाइटी के अध्यक्ष, प्रबंधक, संचालक और व्यापारियों ने गठजोड़ कर दलहन की खराब फसलों को समर्थन मूल्य पर बेचा गया। इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए पुलिस अधीक्षक को भेज दिया गया है। इस घोटाले से संबंधित जांच रिपोर्ट शासन स्तर पर भेजी जा रही है।
कार्रवाई की जा रही है
राज्य सरकार में कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन के अनुसार सरकार किसानों उत्पादन का उचित मूल्य दिलाने के लिए समर्थन मूल्य पर खरीदी करती है। इस बात के निर्देश दिए गए हैं कि खरीदी में किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो, जहां गड़बडि़यां सामने आई है वहां कार्रवाई की जा रही है।
Published on:
25 Mar 2018 11:04 am
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