सिहोरा। मझोली तहसील के 22 गांवों के करीब 10 हजार ग्रामीण काली नवरात्र मनाने को विवश हैं। इन गांवों में 24 घंटे से बिजली नहीं है। जिससे ग्रामीण परेशानी का सामना कर रहे हैं। मझोली क्षेत्र के पोला ग्रामीण फीडर से बिजली आपूर्ति बंद है दूसरी तरफ बिजली कंपनी के जिम्मेदार अधिकारी फोन तक नहीं उठा रहे। ऐसे में बिजली कंपनी के खिलाफ भारी आक्रोश देखा जा रहा है। आभाना के संतोष दुबे,पूरन लाल बर्मन, जगन्नाथ पटेल, गुड्डू बर्मन,अमर चंद बर्मन ने बताया कि पोल फ ीडर के 22 ग्राम मंगलवार से अंधेरे में डूब गए हैं। दिन तो जैसे तैसे कट जाता है, लेकिन रात में मच्छर और गर्मी ने जीना दुश्वार कर दिया है। अधिकारी बता नहीं रहे कि बिजली बंद क्यों है।
इन गांवों में छाया अंधेरा
पोला फीडर के अंतर्गत आने वाले ढोडा, पोला, पड़ुआ, सिहोदा, अभाना, रानीताल, कटाव, मुड़कुरु, दौरा, खाड़-पटी, नैगवां, हरदुआ, अमोदा, मुडिय़ा-मेड़ोद, अमोहा, लमती, ताक बैहर, दुहतरा ग्राम अंधेरे में डूब गए हैं।
विधायक ने कहा फोन नहीं उठाते अधिकारी
पाटन-मझोली विधायक नीलेश अवस्थी ने बताया कि बुधवार रात उन्हें खाड़-पटी से फ ोन आया कि 22 ग्रामों में बिजली बंद है। उन्होंने मझोली ग्रामीण जेई को फोन लगाया लेकिन जेई ने विधायक का फोन ही नहीं उठाया।