
कंगना रनौत की फिल्म 'इमरजेंसी' को लेकर आया लेटेस्ट अपडेट
Bollywood News : भाजपा सांसद और फिल्म मेकर कंगना रनौत की फिल्म इमरजेंसी पर सोमवार में हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा व न्यायाधीश विनय सराफ की पीठ ने केंद्र, राज्य सरकार और सेंसर बोर्ड से 24 घंटे में जवाब मांगा। कोर्ट ने मणिकर्णिका प्रोडक्शंस सहित अन्य पक्षों को नोटिस जारी किए।
कोर्ट ने निर्देश दिया कि, जो पक्षकार सुनवाई में उपस्थित नहीं हो सके, उन्हें इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भी नोटिस भेजें। याचिका पर मंगलवार को भी सुनवाई होगी। अदालत ने सभी पक्षों से प्रतिक्रिया मांगी है ताकि किसी की भावनाओं को ठेस न पहुंचे।
कोर्ट ने सेंसर बोर्ड से यह स्पष्ट करने को कहा है कि फिल्म को अभी तक प्रमाणित किया है या नहीं। याचिका पर मंगलवार को भी सुनवाई होगी। सिख संगत और गुरु सिंघ सभा इंदौर की जनहित याचिका में आरोप लगाया कि फिल्म में सिख समुदाय को निशाना बनाने वाले दृश्य हैं।
वकील नरिंदर पाल सिंह रूपराह ने तर्क दिया कि वे जबलपुर और इंदौर के विभिन्न गुरुद्वारों, स्कूलों और कॉलेजों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, जो इससे आहत हैं। मामले में सिनेमेटोग्राफ अधिनियम का उल्लंघन हुआ है। फिल्म के ट्रेलर में अमृतधारी सिखों को हत्या करते दिखाया है, खालिस्तान की मांग है। वकील ने कहा, च्श्री गुरु ग्रंथ साहिब में 1430 पन्ने हैं और 2500 बार राम शब्द का इस्तेमाल किया, सिखों का पूरा इतिहास हिंदुओं के साथ इतना घुलमिल गया कि आप हिंदुओं और सिखों के बीच अंतर नहीं कर सकते।
अधिवक्ता रूपराह ने याद दिलाया कि लॉकडाउन में दुनिया भर में सिख मदद करने में आगे रहे। सहमति जताते हुए एक्टिंग चीफ जस्टिस सचदेवा ने कहा कि दिल्ली में गुरुद्वारों से ऑक्सीजन की आपूर्ति तक की गई। सिख समाज के सेवा कार्य मिसाल हैं।
Updated on:
03 Sept 2024 12:41 pm
Published on:
03 Sept 2024 12:33 pm
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