अजय खरे@जबलपुर। सावन का महीना प्रकृति के श्रृंगार का होता है, इस मौसम में प्रेम के उद्दीपन मन की बहार बन के खिलते हैं। सावन का नजारा कवियों, गीतकारों की नई रचनाओं को जन्म देता है। इस मौसम में प्रकृति और इंसान दोनों ही रोमांटिक हो उठते हैं। हरे भरे इस मौसम में पवन भी कुछ ज्यादा ही शोर करती है। यहां की वादियों में जब पवन अपनी उमंग का अहसास कराती है तो होठों से यह गीत निकलना लाजिमी है... सावन का महीना पवन करे शोर...। हम आपको ले चलते हैं हिंदी फिल्मों के उन गीतों की दुनिया में जिनमें सावन के सौंदर्य और इस मौसम में जवां दिलों में उठने वाली उमंग और तरंग