16 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बड़ी खबरः एमपी के इस शहर में गिरा शक्तिशाली टैंकभेदी बम, मच गई खलबली

बड़ी खबरः एमपी के इस शहर में गिरा शक्तिशाली टैंकभेदी बम, मच गई खलबली

2 min read
Google source verification
bombing: powerful antitank bomb drop in mp

bombing: powerful antitank bomb drop in mp

जबलपुर। गुरुवार को देश की सुरक्षा से संबंधित एक बेहद गंभीर मामला सामने आया। शहर के बीचों-बीच एक बेहद खतरनाक और शक्तिशाली टैंकभेदी बम गिरा। आयुध निर्माणी खमरिया- ओएफके में यह हादसा हुआ। दैवयोग से बम फटा नहीं अन्यथा ओएफके के साथ ही आधा शहर उड़ जाता। टेंकभेदी बम गिरने की खबर से फैक्ट्री में खलबली मच गई। दो दिन पहले हुए इस हादसे ने एक बार फिर ओएफके की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिया है। हैरत की बात तो यह है ये टैंकभेदी बम किसी ऐरे-गैरे की लापरवाही के कारण नहीं बल्कि फैक्ट्री के ज्वाइंट जीएम आलोक चौधरी के हाथ से गिरा। ओएफके ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।


अफसर के हाथ से गिरा बम
दो दिन पहले फैक्ट्री के एफ-3 सेक्शन की बिल्डिंग नं.309 में यह घटना हुई। घटना के अनुसार कर्मचारियों ने 51 घंटे की ओटी की मांग करते हुए टूल डाउन कर दिए थे। ज्वाइंट जीएम चौधरी इसी दौरान बिल्डिंग नं. 309 में पहुंचे। यहां पर उन्होंने 84एमएम (टैंकभेदी) बमों के लाट पर हाथ रखा। टैंकभेदी बम का स्टेंसिल गीला था। इस पर वे कर्मचारियों पर भडक़ उठे। इसी बीच उन्होंने जीएम ने टैंकभेदी बम को उठाने की कोशिश की लेकिन बम जमीन पर गिर गया। बम के जमीन पर गिरते ही हर कोई आशंका से कांप उठा लेकिन संयोगवश बम फटा नहीं। दरअसल इस बम में फ्यूज नहीं लगा था। बम के यू गिर जाने की घटना सुनकर फैक्टी में खलबली मच गई। कर्मचारी एकत्रित हो गए और उन्होंने हंगामा शुरु कर दिया । कर्मचारियों ने ज्वाइंट जीएम पर अभद्रता करने के आरोप लगाते हुए उन्हें हटाने की मांग की। निर्माणी के कर्मचारी लंबे समय से ज्वाइंट जीएम पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगा रहे हैं।

श्रमिक नेताओं ने भी कर्मचारियों का पक्ष लेते हुए ज्वाइंट जीएम पर हमेशा अभद्र भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगाया। नेताओं ने कहा कि इतने बड़े अफसर की ऐसी गंभीर लापरवाही के कारण फैक्ट्री में बड़ा हादसा हो सकता था। सभी यूनियनों, संगठनों ने वरिष्ठ महाप्रबंधक से उन्हें हटाने की मांग की। ओएफके जबलपुर के एजीएम एवं पीआरओ बीपी मिश्रा ने अधिकृत रूप से केवल इतना कहा है कि कर्मचारियों ने ज्वाइंट जीएम चौधरी द्वारा अभद्रता करने की शिकायत की है। संभवत: उन्होंने ऐसा किया हो। पूरे मामले की हर पहलू से पड़ताल की जा रही है।