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मप्र में बनेंगे ब्रांडेड शर्ट पैंट और होजरी आइटम, आगे आए युवा वस्त्र निर्माता

मप्र में बनेंगे ब्रांडेड शर्ट पैंट और होजरी आइटम, आगे आए युवा वस्त्र निर्माता  

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Garment Cluster

Garment Cluster- demo pic

जबलपुर। शहर में एक और गारमेंट क्लस्टर की स्थापना की सम्भावनाएं बढ़ी हैं। हाल में प्रशासन की ओर से बुलाई गई बैठक में नए क्लस्टर को लेकर निर्माताओं में उत्साह भी दिखा। खास बात यह है कि प्रस्तावित परियोजना में रुचि लेने वालों में अधिकांश युवा वस्त्र निर्माता हैं। इसलिए उन्होंने एक्सप्रेशन ऑफ इंटे्रस्ट (इओआइ) पर काम तेज कर दिया है। इस प्रक्रिया के तहत क्लस्टर में इकाई की स्थापना के लिए सहमति पत्र लिए जा रहे हैं। जिला उद्योग केंद्र भी परियोजना के लिए जमीन तलाश रहा है। परियोजना के लिए करीब 10 एकड़ जमीन की जरूरत बताई गई है।

नए गारमेंट क्लस्टर के लिए शहर के वस्त्र निर्माताओं ने प्रदेश के एमएसएमइ मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा के समक्ष प्रस्ताव रखा था। उनका कहना था कि जबलपुर में लेमा गार्डन में रेडीमेड गारमेंट क्लस्टर है, वहां जगह सीमित है और निर्माताओं की संख्या बहुत अधिक है। इसलिए उन्हें भी नई जगह दी जाए। इस पर उन्होंने कहा था कि पर्याप्त संख्या में इकाइयों के लिए प्रस्ताव आने पर प्रशासन जमीन उपलब्ध कराएगा। इसी आधार पर कलेक्टर ने बैठक बुलाकर नए गारमेंट क्लस्टर की संभावनाओं को तलाशा था।

इन वस्त्रों के निर्माण की है योजना- जबलपुर सलवार-सूट के निर्माण के मामले में देश के प्रमुख शहरों में शामिल है। यहां 500 से अधिक इकाइयां में सलवार-सूट तैयार होते हैं। इनमें 25 हजार लोगों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला हुआ है। नए गारमेंट क्लस्टर में उद्यमी जींस पैंट, शर्ट, कुर्ता, पैजामा, बच्चों के कपड़े, स्कूल ड्रेसेस, जैकेट, शेरवानी, रेडीमेड सूट और होजरी आइटम में टी-शर्ट, लोवर, लेगिंग्स आदि बनाना चाहते हैं। अभी भी करीब 15 निर्माता शर्ट बना रहे हैं। कुछ ने ब्रॉन्ड भी बनाया है। लोवर का काम भी बड़े पैमाने पर होता है।

लेमा गार्डन क्लस्टर की स्थिति ठीक नहीं
शहर में 200 छोटी और बड़ी इकाइयों वाला रेडीमेड गारमेंट क्लस्टर पहले से स्थापित है। लगभग 60 करोड़ की लागत वाले इस क्लस्टर में कॉमन फैसिलिटी सेंटर सहित वाशिंग और डाइंग प्लांट भी है, जो पूरी तरह अस्तित्व में नहीं आया है। अभी 60-70 इकाइयों में काम हो रहा है। शेष इकाइयां बंद हैं। संचालक मंडल इन्हें कई बार कार्यवाही की चेतावनी दे चुका है। दिल्ली और भोपाल के अधिकारी भी हिदायत दे चुके हैं। इसके बावजूद सभी इकाइयां नहीं खुल रही हैं। इस बीच वस्त्र निर्माताओं की एक नई पीढ़ी खड़ी हुई है, जो इस तरह की सुविधा का उपयोग कर कारोबार बढ़ाना चाहती है।

ये हैं प्रस्तावित स्थल
खजरी खिरिया बायपास
मनमोहन नगर, माढ़ोताल
कठौंदा से लगी भूमि

जबलपुर में बने रेडीमेड वस्त्रों को राष्ट्रीय- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए लेमा गार्डन के अलावा नए गारमेंट्स कलस्टर की स्थापना की जा सकती है। इस पर चर्चा भी हुई है। गारमेंट्स एवं होजरी निर्माता एक संगठन के रूप में क्लस्टर का विकास चाहते हैं। इसके लिए उन्हें शासन की शर्तों के अधीन भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।
- कर्मवीर शर्मा, कलेक्टर

शहर के वस्त्र निर्माता की ओर से दिए गए नए गारमेंट क्लस्टर के प्रस्ताव के बाद परियोजना के लिए भूमि चिह्नित की जा रही है। इससे पहले उनसे सहमति के लिए ईओआई लिया जाएगा।
- विनीत रजक, महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र