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जबलपुर . डिजाइनर और फैंसी ज्वेलरी के लिए प्रसिद्ध जबलपुर का बाजार अब ज्वेलरी कंपनियों को लुभा रहा है। कई बड़ी कंपनियां निवेश यहां कर रही हैं। तीन नामी कंपनियों ने अपना शोरूम शुरू करने की योजना बनाई है। एक तो इसी महीने शुरू हो जाएगा। ग्राहकों को हीरा, सोना और चांदी से बनी ज्वेलरी को खरीदने के लिए ज्यादा विकल्प मिल सकेंगे।
ग्राहकों को हीरा, सोना और चांदी से बनी ज्वेलरी को खरीदने के लिए ज्यादा विकल्प मिलेंगे, नए शोरूम से आएगा निवेश
जबलपुर में सराफा बाजार को स्थापित हुए कई दशक बीत गए हैं। पूरे महाकोशल से ग्राहक यहां खरीदी करने के लिए आते हैं। शादी-विवाह की खरीदी सबसे ज्यादा होती है। ग्राहक उन दुकानों से इन्हें लेते हैं जहां से उनके बुजुर्ग खरीददारी करते आ रहे हैं। अब इस कारोबार में नामी कंपनियां आ गई हैं। उनका आकर्षक शोरूम और डिजाइनर ज्वेलरी सभी को लुभाती हैं। शहर में बढ़ते सराफा बाजार को देखते हुए ज्वेलरी क्लस्टर की मांग जोर पकड़ने लगी है।
हर दिन 10 से 12 करोड़ का कारोबार
जबलपुर का सराफा कारोबार दिनोंदिन बढ़ रहा है। सामान्य दिनों में प्रतिदिन 10 से 12 करोड़ रुपए का होता है। त्योहारों में यह 20 करोड़ तक हो जाता है। शहर के व्यापारियों ने भी नए शोरूम खोले हैं। उनमें वेरायटी भी है। इसका फायदा ग्राहकों को मिल रहा है। उन्हें अपनी पसंदीदा ज्वेलरी आसानी से मिल जाती है। अब हॉलमार्क भी अनिवार्य है, इसलिए नई दुकानों में ऐसी ही ज्वेलरी मिलती हैं।
रोजगार मिलेगा
जानकारों ने बताया कि जो नए ज्वेलरी शोरूम यहां आ रहे हैं, उनमें प्रत्येक में 30 से 50 करोड़ रुपए तक का निवेश होता है। वहीं, हर शोरूम में 15 से 20 लोगों को रोजगार मिलता है। अभी शहर में दो कंपनियों के शोरूम चल रहे हैं। तो दो कंपनियों फ्रेंचाइजी ज्वेलरी विक्रेताओं को दे रखी हैं। शहर में 60 प्रतिशत दुकानें पुरानी हैं। जबलपुर का सराफा बाजार पूरे महाकोशल को कवर करता है। तभी तो गोल्ड क्लस्टर की मांग उठती रही है।
यह है स्थिति
जिले में 15 सौ है ज्वेलर्स की संख्या।
शहर में 800 दुकानें और शोरूम का संचालन।
चार कंपनियों के शोरूम व डिस्ट्रीब्यूटर्स शिप।
40 ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग इकाइयां शहर में।
350 ज्वेलर्स के पास हॉलमार्क रजिस्ट्रेशन।
तीन हॉलमार्क सेंटर चल रहे हैं जिले में।
Published on:
19 Aug 2023 12:06 pm
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