गुरुवार रात अधारताल क्षेत्र में धनी की कुटिया के पास एक बारात आई थी। बारात जब जनवासे से विवाह स्थल के लिए रवाना हुई तब मौसम कुछ ठीक था पर कुछ ही देर बाद बारिश होने लगी। ऐसे में बाराती तो कारों में बैठ गए पर दूल्हा बग्घी में अकेला रह गया। बारिश से बचने के लिए उसे छाता का सहारा लेना पड़ा। इसके बावजूद वह बारिश की मार से नहीं बच सका। कभी इस तरफ से पानी की बौछार पड़ती तो कभी दूसरी तरफ से। अंत में उसे बग्घी पर उकड़ू बैठकर पानी से बचाव करना पड़ा। वैसे तो दूल्हा शान से सीना फुलाकर गर्वित अंदाज में दुल्हन के घर पहुंचता है पर यहां बारिश ने उसे सिकुड़कर बैठने के लिए मजबूर कर दिया।