जिस शहर में गिल्ली-डंडा खेलने की भी जगह नहीं है, वहां सीएम साहब बनवाएंगे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम

जबलपुर के नगरीय क्षेत्र के विकास कार्य के रोडमैप पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की चर्चा

 

 

By: shyam bihari

Updated: 24 Jan 2021, 10:25 PM IST

 

जबलपुर। फिलहाल की स्थिति में तो जबलपुर शहर में यदि बच्चे उन्मुक्त भाव से गिल्ली-डंडा भी खेलना चाहें, तो जगह नहीं मिलेगी। इन हालातों में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम बनाया जाएगा। इसमें वनडे व टेस्ट मैच के अलावा आइपीएल के मुकाबले भी हो सकेंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जबलपुर के नगरीय क्षेत्र के विकास कार्य के रोडमैप पर चर्चा के लिए बुलाई बैठक में प्रशासन को इस योजना के लिए शहर के पास जल्द ही जगह तलाश करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सम्भाग में जबलपुर में सिंगापुर के सहयोग से आइटीआई सेंटर खोलने की बात कही। बैठक में कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने नगर निगम व स्मार्ट सिटी योजना के तहत कराए जा रहे कामों का खाका प्रस्तुत किया। उन्होंने इसमें कुछ कार्यों को सराहा, तो कई में ध्यान देने की जरूरत बताई। उन्होंने निर्देश दिए कि पुराने कामों को पूरा करने में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वे दिल से जबलपुर का विकास चाहते हैं। शहर के विकास के लिए यहां बैठक कर रहा हूं।

कलेक्टर ने कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण में जबलपुर भी शामिल है। उम्मीद है कि इस बार हम टॉप 10 शहरों में आएंगे। इस पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि टॉप-5 में क्यों नहीं आ सकते? उन्होंने कहा कि इस अभियान में जनता को जोडऩा चाहिए। कलेक्टर ने बताया कि डोर टू डोर कचरा कलेक्शन के तहत 60 फीसदी घरों को कवर किया जा रहा है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे जल्द ही 100 फीसदी तक लाया जाए। विधायक अजय विश्नोई ने अवगत कराया कि वेस्ट टू एनर्जी प्लांट के लिए कचरा कम पड़ता है। अब नगर परिषद क्षेत्रों से भी इसे संग्रहीत किया जाए। नगर निगम सीमा में 15 लाख की आबादी है। अभी जलापूर्ति के लिए अमृत योजना के तहत 16 टंकियों का निर्माण किया गया है, इससे 55 नए गांव कवर होंगे। इन टंकियों के निर्माण के बाद 70 से 80 फीसदी जनसंख्या नल कनेक्शन से जुड़ जाएगी। विधायक तरुण भनोत ने कहा कि कनेक्शन पहुंच गए हैं, लेकिन नल चालू नहीं हुए।
बसों का जखीरा नहीं लाएं
शहर की परिवहन व्यवस्था को लेकर जानकारी दी कि अतिरिक्त बसों को लाने से पहले पूरा अध्ययन करें कि कितनी जरूरत है। फिजूल का जखीरा नहीं खड़ा किया जाए। उनका कहना था कि मेट्रो बसों की योजना बहुत सकारात्मक नहीं रही है। मुख्यमंत्री ने बैठक में निर्देश दिए कि नई जगहों पर नॉन मोटराइज्ड टे्रक (एनएमटी) बनाने से पहले देख लें कि साइकिल चलाने वाले हैं कि नहीं? नहीं तो यह पैसा बर्बाद करना है। विधायक विश्नोई ने सुझाव दिया कि पहले की तरह कंपनियों को लाकर साइकल उपलब्ध नहीं कराएं। लोग खुद अपनी साइकल लेकर उसका उपयोग करें। कलेक्टर की ओर से तालाबों के संरक्षण का रोडमैप रखा गया, इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि तालाब अमूल्य निधि है। यह जीवित रहें, इस पर गंभीरता से ध्यान देना होगा। इससे पर्यावरण भी सुरक्षित रहता है। तालाबों पर कब्जों को सख्ती से रोका जाए। इस मुद्दे पर सांसद राकेश सिंह ने मुख्यमंत्री से कहा कि वे गोकलपुर, संग्रामसागर और महानद्दा तालाब का निरीक्षण भी करें।

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