
Cancer Treatment : शहर में कई लोग अपनी जीवटता, इच्छाशक्ति के बलबूते कैंसर से जंग लड़ रहे हैं। ऐसे में टारगेट थैरेपी उनके लिए मददगार हो रही है। मेडिकल और स्टेट कैंसर अस्पताल में आयुष्मान योजना के माध्यम से मरीजों को मुफ्त इलाज मिल रहा है। खास बात तो ये कि इस थेरेपी के जरिए कई मरीज ठीक हो चुके हैं।
पेशे से शिक्षिका 50 वर्षीय अमृता को सीने में लगातार दर्द होने पर जांच कराई तो पता लगा कि स्तन में गांठ है। वह कैंसर निकला। दो बच्चे छोटे हैं। बच्चों ने हौसला दिया मां घबराओ नहीं इलाज कराओ। कैंसर का इलाज शुरू हुआ। लगातार टारगेट थैरेपी गई। दो साल के इलाज के बाद उनकी बीमारी पूरी तरह से ठीक हो गई।
गढ़ा निवासी 62 वर्षीय मनीषा शर्मा को जब पता लगा कि वे कैंसर से पीड़ित हैं तो अंदर से टूट गईं। स्तन कैंसर सेकेंड स्टेज में पहुंच गया था। इलाज की शुरुआत में बाल झड़ गए, भूख लगना बंद हो गई। शरीर में ताकत नहीं बची, लेकिन फिर जीने के हौसले ने उन्हें बीमारी से लड़ना सिखाया। टारगेट थैरेपी के साथ उनका स्वास्थ्य पहले से बेहतर है।
4 साल से कैंसर से जंग लड़ रहे स्नेह नगर निवासी भू जलविद् विनोद दुबे ने बताया कि इस बीमारी का इलाज भी बहुत पीड़ादायी है। आर्थिक रूप से भी व्यक्ति टूट जाता है। उन्होंने अपना पूरा ध्यान सामाजिक चिंतन, लेखन पर लगा दिया है। वे टारगेट थैरेपी से इलाज करा रहे हैं। उनका इलाज मुंबई और नागपुर में हो रहा है।
●टारगेट थेरेपी कैंसर कोशिकाओं को अधिक प्रभावी ढंग से मारने में मददगार।
●टारगेट थेरेपी में एजेंट कैंसर कोशिकाओं को लक्षित करते हैं, जिससे स्वस्थ कोशिकाओं पर दुष्प्रभाव कम होता है।
●रोगी की जेनेटिक प्रोफाइल के आधार पर व्यक्तिगत उपचार संभव।
Cancer Treatment : टारगेट थैरेपी प्रारंभिक अवस्था के कैंसर से लेकर बीमारी बढ़ जाने में भी प्रभावी साबित हो रही है। मेडिकल अस्पताल के साथ ही स्टेट कैंसर अस्पताल में ब्रेस्ट व लंग कैंसर के मरीजों को इलाज उपलब्ध है।
Updated on:
04 Feb 2025 11:48 am
Published on:
04 Feb 2025 11:35 am
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