
CBSE and MP board exam tips and tricks
जबलपुर। रसायन, अभिक्रियाएं, समीकरण इन सबसे तो कक्षा 11वीं में ही बच्चे रूबरू हो चुके होते हैं। लेकिन इनकी विस्तृत व्याख्या कक्षा 12वीं में ही पढऩी होती है। इसलिए बच्चों को कैमिस्ट्री के लिए बचे हुए दिनों में क्या तरीके अपनाने चाहिए, पत्रिका एजुकेश कैम्पेन के दौरान बता रहे हैं एक्सपर्ट शैलेश पाठक। रीएक्शन्स, इक्वेशन और डायग्राम के साथ बच्चों को साइंस के प्रमुख वैज्ञानिक और संस्थाओं में पढऩे वाली खास चीजें अच्छा-खासा स्कोर करवा सकती हैं। इसलिए इन्हें अपनी तैयारी के दौरान सिस्टमेटिक अपनाना कारगर होगा।
इसका भी रखें ध्यान
एक्सपर्ट के अनुसार प्रश्र पत्र में मिलने वाली उत्तर पुस्तिका में निर्दिष्ट स्थान पर ही छात्र-छात्राओं को सवालों के जवाब हल करना चाहिए। कई बार बच्चे अधिक नंबर की चाहत में उत्तर पुस्तिका में अतिरिक्त स्थान खाली छोड़ देते है। कुछ छात्र एक-एक लाइन छोड़कर लिखते है। इससे मूल्यांकनकर्ता के मानस में छात्र की खराब तस्वीर उभरती है। इसलिए सवालों के जवाबों को निर्दिष्ट स्थान में उसकी अंकों की सीमा के अनुरुप ही दर्ज करना चाहिए। इक्वेशन हल करने में शब्दों में अधिक काट-छांट नहीं होना चाहिए। इक्वेशन और डायग्राम के जरिए अधिक कम शब्दों में उत्तरों का बेहतर प्रस्तुतिकरण किया जा सकता है।
न करें ये गलतियां
प्रश्न लिखने में समय बर्बाद न करें, सीधे क्रम में उत्तर लिखें।
नामांकित चित्र सावधानी पूर्वक बनाएं और सही दिशाएं लिखें।
5 साल के पेपर पढऩा न भूलें, इनके हर प्रश्न को तैयार कर लें।
रीएक्शन्स का पार्टिशन, डायरेक्शन गलत न बनाएं, नंबर कट सकते हैं।
क्या-क्या करें
ऑब्जेक्टिव क्वेश्चन्स को क्रमानुसार ही लिखें। क्रम बदलेंगे, नंबर घटेंगे।
रीएक्शन्स लिखते समय विशेष सावधानी रखें, फॉर्मेशन गलत न हो।
लिख-लिख कर समीकरण, प्रश्नोत्तर आदि की प्रैक्टिस करें।
नाम अभिक्रियाएं कम से कम 18-20 तैयार करके रख लें।
प्रयोगशाला विधियां भी अ'छे से पढ़ें, लिखकर तैयारी करें।
वैज्ञानिक संस्थान/वैज्ञानिक लगभग 9 हैं, सभी अ'छे से पढ़ लें।
दैनिक जीवन में रसायन का प्रयोग भी बौद्धिकता के आधार पर प्रिपेयर कर लें।
Published on:
24 Feb 2018 02:01 pm
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